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बुंदेलखंड का सबसे बड़ा मेला: अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी, पंचकोसी परिक्रमा कर मांगी मन्नत
Tue, 07 Sep 2021 04:30 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 07 Sep 2021 04:30 PM IST
सार
लाखों श्रद्धालु निजी वाहन और पैदल ही रामघाट एक दिन पूर्व से पहुंचने लगे थे। सोमवार के बाद आज मंगलवार को भी लाखों भक्तों ने मंदाकिनी में डुबकी लगाने के बाद धार्मिक क्षेत्र के मठ मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
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बुंदेलखंड का सबसे बड़ा मेला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धर्म नगरी में भदई अमावस्या पर दूसरे दिन भी लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। इसके बाद कामद नाथ भगवान के दर्शन कर पंचकोसी परिक्रमा लगाकर मन्नत मांगी। इस बार अमावस्या का पर्व दो दिन माना गया। हालांकि धर्म नगरी में दीपावली के बाद इस भदई अमावस्या का मेला दो दिन तक पहले से भी लगता रहा है।
इस मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। लगातार दो वर्षों से कोरोना काल के चलते मेला क्षेत्र में आने पर प्रतिबंध होने और मठ मंदिरों के गेट पर ताला लगा होने से श्रद्धालु नहीं आ पा रहे थे। इस बार बुंदेलखंड क्षेत्र में कोरोनावायरस का असर बिल्कुल कम होने के कारण जिला प्रशासन की अपील का कोई प्रभाव भक्तों पर नहीं दिखा।
लाखों श्रद्धालु निजी वाहन और पैदल ही रामघाट एक दिन पूर्व से पहुंचने लगे थे। सोमवार के बाद आज मंगलवार को भी लाखों भक्तों ने मंदाकिनी में डुबकी लगाने के बाद धार्मिक क्षेत्र के मठ मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
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इस मेले में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। लगातार दो वर्षों से कोरोना काल के चलते मेला क्षेत्र में आने पर प्रतिबंध होने और मठ मंदिरों के गेट पर ताला लगा होने से श्रद्धालु नहीं आ पा रहे थे। इस बार बुंदेलखंड क्षेत्र में कोरोनावायरस का असर बिल्कुल कम होने के कारण जिला प्रशासन की अपील का कोई प्रभाव भक्तों पर नहीं दिखा।
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लाखों श्रद्धालु निजी वाहन और पैदल ही रामघाट एक दिन पूर्व से पहुंचने लगे थे। सोमवार के बाद आज मंगलवार को भी लाखों भक्तों ने मंदाकिनी में डुबकी लगाने के बाद धार्मिक क्षेत्र के मठ मंदिरों में जाकर दर्शन किए।
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भगवत आचार्य नवलेश दीक्षित का कहना है कि इस बार भदई अमावस्या का पर्व सोमवार की दोपहर बाद से शुरू होकर मंगलवार की शाम तक माना गया है। इसी के चलते दो दिन तक यह मेला चल रहा है। पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में अमावस्या का प्रभाव पूरी श्रद्धा और परंपरागत तरीके से मनाया जाता है।
भक्तगण दो दिन तक सती अनसुईया, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला, रामघाट, गजेंद्र नाथ स्वामी, हनुमान धारा, प्रमोद वन, जानकी कुंड में स्थित मंदिरों के आसपास प्रवास कर दर्शन भी करते हैं।
भक्तगण दो दिन तक सती अनसुईया, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला, रामघाट, गजेंद्र नाथ स्वामी, हनुमान धारा, प्रमोद वन, जानकी कुंड में स्थित मंदिरों के आसपास प्रवास कर दर्शन भी करते हैं।
इस बार के मेले में जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगाई थी लेकिन इसका कहीं भी प्रभाव नहीं दिखाई पड़ा। पूरे मेला क्षेत्र में कोरोना का असर नहीं दिखा। मेले की यह भी विशेषता रही कि इस बार पुलिस का कई स्थानों पर मानवीय चेहरा भी सामने आया है।
कई श्रद्धालुओं को पुलिसकर्मियों ने खुद पानी पिलाया और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया भी है। डीएम शुभ्रांशु कुमार शुक्ल और एसपी धवल जयसवाल के अलावा सतना के एसपी धर्मवीर सिंह ने लगातार मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण भी किया। ड्रोन कैमरे से भी मेला क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।
कई श्रद्धालुओं को पुलिसकर्मियों ने खुद पानी पिलाया और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया भी है। डीएम शुभ्रांशु कुमार शुक्ल और एसपी धवल जयसवाल के अलावा सतना के एसपी धर्मवीर सिंह ने लगातार मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से निरीक्षण भी किया। ड्रोन कैमरे से भी मेला क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।