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यूपी में राज्यसभा चुनाव: जयंत चौधरी के हाथ आई मायूसी, लग रहीं थीं एनडीए कोटे से राज्यसभा भेजने की अटकलें
Wed, 07 Oct 2026 08:07 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:07 AM IST
सार
Rajya Sabha elections in UP: यूपी में राज्यसभा के लिए नामांकन की अंतिम तिथि छह अक्तूबर को खत्म हो गई। इसी के साथ भाजपा कोटे से जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजने की अटकलों को विराम मिल गया।
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जयंत चौधरी के हाथ लगी मायूसी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह को एनडीए कोटे से दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने के बाद इन कयासों पर ब्रेक लग गया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि भाजपा के सहयोग से जयंत एक बार फिर उच्च सदन पहुंच सकते हैं।
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जयंत जुलाई 2022 में सपा-रालोद के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे। उस समय 403 सदस्यीय विधानसभा में रालोद के आठ विधायक थे और एक उम्मीदवार को जीत के लिए 34 वोट चाहिए थे। सपा के 111, रालोद के आठ और सहयोगी दलों के समर्थन से गठबंधन तीन उम्मीदवार जिताने की स्थिति में था। जयंत को सपा समर्थन से तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया था। बाद में खतौली उपचुनाव जीतकर रालोद के विधायक नौ हो गए।
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2024 लोकसभा चुनाव से पहले रालोद ने सपा का साथ छोड़ एनडीए का दामन थाम लिया। इसके बाद चर्चा थी कि अखिलेश के समर्थन से मिली राज्यसभा सीट का ‘सियासी एहसान’ भाजपा के सहयोग से चुकाया जा सकता है। हालांकि, जयंत की मौजूदा राज्यसभा सदस्यता जुलाई 2028 तक है। हाल के महीनों में दोनों नेताओं के रिश्तों में तल्खी भी बढ़ी है। अखिलेश ने बिना नाम लिए ‘चवन्नी का रुपया’ बनने के बाद छोड़कर जाने की टिप्पणी की थी। जयंत ने इसे जाट समाज के अपमान से जोड़ते हुए पलटवार किया था।
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