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कानपुर से जुड़ने वाले रेलवे के चार प्रमुख प्रोजेक्टों में कुल 1756 करोड़ का बजट, 2021-22 में होगा खर्च
Fri, 05 Feb 2021 08:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Feb 2021 08:08 AM IST
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कानपुर सेंट्रल
- फोटो : amar ujala
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बजट में रेलवे को मिले हिस्से में कानपुर का हिस्सा तय हो गया है। रेल मंत्रालय को जारी बजट पर रेलवे ने उत्तर मध्य रेलवे के लिए पिंक बुक जारी कर दी है। इससे साफ हो गया है कि किस प्रोजेक्ट में कितने बजट का प्रावधान किया गया है।
इस बार कानपुर से जुड़ने वाले चार प्रमुख प्रोजेक्टों में कुल 1756 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जो वर्ष 2021-22 में खर्च होगा। दिल्ली-हावड़ा रूट, लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग समेत मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए इस साल 1341 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
लखनऊ पौन घंटे, साढ़े तीन घंटे में दिल्ली
मिशन रफ्तार में कानपुर के यात्रियों को दिल्ली और हावड़ा रूट के शहरों को आने जाने में कम समय लगेगा। वहीं इस प्रोजेक्ट में कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग के शामिल होने से भी इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ेगी। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार होने से कानपुर से लखनऊ पौन घंटा तो दिल्ली पहुंचने में बमुश्किल तीन से साढ़े तीन घंटे लगेंगे। दिल्ली जाने पर भाऊपुर से खुर्जा डीएफसी शुरू हो चुका है। मार्च तक दादरी तक जुड़ने से मालगाड़ियां मेन लाइन पर नहीं चलेंगी।
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इस बार कानपुर से जुड़ने वाले चार प्रमुख प्रोजेक्टों में कुल 1756 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जो वर्ष 2021-22 में खर्च होगा। दिल्ली-हावड़ा रूट, लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग समेत मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए इस साल 1341 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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लखनऊ पौन घंटे, साढ़े तीन घंटे में दिल्ली
मिशन रफ्तार में कानपुर के यात्रियों को दिल्ली और हावड़ा रूट के शहरों को आने जाने में कम समय लगेगा। वहीं इस प्रोजेक्ट में कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग के शामिल होने से भी इस रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ेगी। 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार होने से कानपुर से लखनऊ पौन घंटा तो दिल्ली पहुंचने में बमुश्किल तीन से साढ़े तीन घंटे लगेंगे। दिल्ली जाने पर भाऊपुर से खुर्जा डीएफसी शुरू हो चुका है। मार्च तक दादरी तक जुड़ने से मालगाड़ियां मेन लाइन पर नहीं चलेंगी।
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भाऊपुर से सेंट्रल तक नहीं रुकेंगी ट्रेनें
भाऊपुर से पनकी तक करीब 11 किमी तक चौथी रेल लाइन के लिए बजट में 30 करोड़ रुपये दिये गये हैं। इस प्रोजेक्ट का अधिकांश काम हो चुका है। 30 करोड़ रुपये से सिग्नलिंग, पॉवर से जुड़े काम होंगे। मेन रेल लाइन पर भाऊपुर से कानपुर सेंट्रल तक सीधे चार ट्रैक होने से कहीं भी रेल मार्ग खाली न होने से ट्रेनों के फंसने की समस्या नहीं होगी।
प्रयागराज का सफर भी होगा आसान
चंदारी से चकेरी होते हुए रूमा तक 12.5 किमी की तीसरी रेलवे लाइन के काम को तेज करने के लिए 85 करोड़ रुपये 2021-22 में खर्च करने होंगे। चंदारी से रूमा तक थर्ड लाइन होने से प्रयागराज से कानपुर तक सफर आसान होगा। चंदारी से गोविंदपुरी स्टेशन वाली रेल लाइन बिना सेंट्रल जाए हुए प्रयागराज को निकलेगी। ऐसे में यह सेंट्रल का लोड कम करने में यह रेल लाइन मील का पत्थर साबित होगी।
कानपुर-झांसी दोहरीकरण पर खर्च होंगे 300 करोड़
कानपुर से झांसी रेल मार्ग का दोहरीकरण का काम तीन साल से अधिक समय से चल रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसके लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह काम 1140 करोड़ रुपये में हो रहा है। उम्मीद है कि 300 करोड़ की राशि मिलने पर 2022 में कानपुर के भीमसेन से झांसी तक डबल लाइन पर ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।
भाऊपुर से पनकी तक करीब 11 किमी तक चौथी रेल लाइन के लिए बजट में 30 करोड़ रुपये दिये गये हैं। इस प्रोजेक्ट का अधिकांश काम हो चुका है। 30 करोड़ रुपये से सिग्नलिंग, पॉवर से जुड़े काम होंगे। मेन रेल लाइन पर भाऊपुर से कानपुर सेंट्रल तक सीधे चार ट्रैक होने से कहीं भी रेल मार्ग खाली न होने से ट्रेनों के फंसने की समस्या नहीं होगी।
प्रयागराज का सफर भी होगा आसान
चंदारी से चकेरी होते हुए रूमा तक 12.5 किमी की तीसरी रेलवे लाइन के काम को तेज करने के लिए 85 करोड़ रुपये 2021-22 में खर्च करने होंगे। चंदारी से रूमा तक थर्ड लाइन होने से प्रयागराज से कानपुर तक सफर आसान होगा। चंदारी से गोविंदपुरी स्टेशन वाली रेल लाइन बिना सेंट्रल जाए हुए प्रयागराज को निकलेगी। ऐसे में यह सेंट्रल का लोड कम करने में यह रेल लाइन मील का पत्थर साबित होगी।
कानपुर-झांसी दोहरीकरण पर खर्च होंगे 300 करोड़
कानपुर से झांसी रेल मार्ग का दोहरीकरण का काम तीन साल से अधिक समय से चल रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इसके लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह काम 1140 करोड़ रुपये में हो रहा है। उम्मीद है कि 300 करोड़ की राशि मिलने पर 2022 में कानपुर के भीमसेन से झांसी तक डबल लाइन पर ट्रेनें दौड़ेंगी। इससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।