फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Budget 2024, To increase the leather industry, import duty should be abolished, GST should also be minimized

बजट से उम्मीदें: शहर के कारोबारी बोले- चमड़ा उद्योग को बढ़ाने के लिए आयात शुल्क खत्म हो, GST भी कम से कम हो

Thu, 01 Feb 2024 09:20 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 01 Feb 2024 09:20 AM IST
सार

Kanpur News: पहले रूस-यूक्रेन फिर इस्राइल हमास युद्ध से निर्यात पर असर पड़ा है। लाल सागर में माल लुटने का नया डर निर्यातकों के सामने है। लंबा रूट तय करने के कारण कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है। माल भाड़ा बढ़ चुका है। ऐसे में शहर के चमड़ा कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां हैं।

विज्ञापन
Budget 2024, To increase the leather industry, import duty should be abolished, GST should also be minimized
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर शहर के चमड़ा उद्योग को गुरुवार को आने वाले अंतरिम बजट में खासी उम्मीदें हैं। घरेलू बाजार और निर्यात बढ़ाने के लिए कारोबारियों ने सरकार से बजट में कच्चा चमड़ा, वेट ब्ल्यू, क्रस्ट और तैयार चमड़ा पर लगने वाले 10 फीसदी आयात शुल्क को खत्म करने, 12 प्रतिशत जीएसटी को हटाकर पांच प्रतिशत या कम करने की मांग उठाई है।

विज्ञापन

साथ ही पूर्व में चलने वाली शुल्क मुक्त आयात योजना को फिर से शुरू करने और विदेशी खरीदारों तक पहुंच बनाने के लिए योजना लाने की मांग सरकार से की है। शहर से 2026-27 तक 19500 करोड़ का चमड़ा व उत्पाद निर्यात का लक्ष्य है। पिछले साल 9500 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस साल 10 हजार करोड़ का निर्यात लक्ष्य है।

विज्ञापन

कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है, माल भाड़ा बढ़ चुका है
लेकिन पहले रूस-यूक्रेन फिर इस्राइल हमास युद्ध से निर्यात पर असर पड़ा है। लाल सागर में माल लुटने का नया डर निर्यातकों के सामने है। लंबा रूट तय करने के कारण कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है। माल भाड़ा बढ़ चुका है । ऐसे में शहर के चमड़ा कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां हैं। कारोबारियों के अनुसार इससे उबारने के लिए जरूरी है कि चमड़े पर लगने वाले 10 प्रतिशत आयात शुल्क को खत्म किया जाए।

चमड़ा उद्योग के सामने कई चुनौतियां हैं। आयात शुल्क खत्म किया जाए, जीएसटी कम से कम हो। इससे उत्पाद वैश्विक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे और निर्यात बढ़ सकेगा। परिषद ने सरकार को सुझाव भेजे हैं।  -जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

विज्ञापन

रोज-रोज की बंदी की समस्या से जूझ रहे चमड़ा उद्योग को बजट से बहुत उम्मीदें हैं। निर्यात प्रोत्साहन के लिए और नई योजनाएं लाई जाए। शुल्क मुक्त आयात योजना फिर शुरू हो। कंटेनर सब्सिडी को और बढ़ाना चाहिए।  -जफर-फिरोज, आयात-निर्यात

विदेशी खरीदारों या कंपनियों को खोजने में सरकार मदद की योजना लाए। वैश्विक कंटेनर शिपिंग लाइन विकसित करने की जरूरत है ताकि कंटेनरों पर दूसरों पर निर्भरता खत्म हो सके। निर्यात हब योजना हर जिले के लिए शुरू हो।  -आलोक श्रीवास्तव, संयोजक फियो

सरकारी खरीद में एमएसएमई की ओर से परफार्मेंस बैंक गारंटी जमा कराने का प्रावधान खत्म हो। जेम पोर्टल पर 20 लाख से ऊपर के खरीद आर्डर जारी होने पर शुल्क जमा करने का प्रावधान भी समाप्त किया जाए।  -सुशील शर्मा, चेयरमैन, इंडस्ट्री कमेटी, मर्चेंट्स चेंबर ऑफ उप्र

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed