बजट से उम्मीदें: शहर के कारोबारी बोले- चमड़ा उद्योग को बढ़ाने के लिए आयात शुल्क खत्म हो, GST भी कम से कम हो
Kanpur News: पहले रूस-यूक्रेन फिर इस्राइल हमास युद्ध से निर्यात पर असर पड़ा है। लाल सागर में माल लुटने का नया डर निर्यातकों के सामने है। लंबा रूट तय करने के कारण कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है। माल भाड़ा बढ़ चुका है। ऐसे में शहर के चमड़ा कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर शहर के चमड़ा उद्योग को गुरुवार को आने वाले अंतरिम बजट में खासी उम्मीदें हैं। घरेलू बाजार और निर्यात बढ़ाने के लिए कारोबारियों ने सरकार से बजट में कच्चा चमड़ा, वेट ब्ल्यू, क्रस्ट और तैयार चमड़ा पर लगने वाले 10 फीसदी आयात शुल्क को खत्म करने, 12 प्रतिशत जीएसटी को हटाकर पांच प्रतिशत या कम करने की मांग उठाई है।
साथ ही पूर्व में चलने वाली शुल्क मुक्त आयात योजना को फिर से शुरू करने और विदेशी खरीदारों तक पहुंच बनाने के लिए योजना लाने की मांग सरकार से की है। शहर से 2026-27 तक 19500 करोड़ का चमड़ा व उत्पाद निर्यात का लक्ष्य है। पिछले साल 9500 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस साल 10 हजार करोड़ का निर्यात लक्ष्य है।
कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है, माल भाड़ा बढ़ चुका है
लेकिन पहले रूस-यूक्रेन फिर इस्राइल हमास युद्ध से निर्यात पर असर पड़ा है। लाल सागर में माल लुटने का नया डर निर्यातकों के सामने है। लंबा रूट तय करने के कारण कंटेनरों की समस्या बढ़ गई है। माल भाड़ा बढ़ चुका है । ऐसे में शहर के चमड़ा कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां हैं। कारोबारियों के अनुसार इससे उबारने के लिए जरूरी है कि चमड़े पर लगने वाले 10 प्रतिशत आयात शुल्क को खत्म किया जाए।
चमड़ा उद्योग के सामने कई चुनौतियां हैं। आयात शुल्क खत्म किया जाए, जीएसटी कम से कम हो। इससे उत्पाद वैश्विक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे और निर्यात बढ़ सकेगा। परिषद ने सरकार को सुझाव भेजे हैं। -जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
रोज-रोज की बंदी की समस्या से जूझ रहे चमड़ा उद्योग को बजट से बहुत उम्मीदें हैं। निर्यात प्रोत्साहन के लिए और नई योजनाएं लाई जाए। शुल्क मुक्त आयात योजना फिर शुरू हो। कंटेनर सब्सिडी को और बढ़ाना चाहिए। -जफर-फिरोज, आयात-निर्यात
विदेशी खरीदारों या कंपनियों को खोजने में सरकार मदद की योजना लाए। वैश्विक कंटेनर शिपिंग लाइन विकसित करने की जरूरत है ताकि कंटेनरों पर दूसरों पर निर्भरता खत्म हो सके। निर्यात हब योजना हर जिले के लिए शुरू हो। -आलोक श्रीवास्तव, संयोजक फियो
सरकारी खरीद में एमएसएमई की ओर से परफार्मेंस बैंक गारंटी जमा कराने का प्रावधान खत्म हो। जेम पोर्टल पर 20 लाख से ऊपर के खरीद आर्डर जारी होने पर शुल्क जमा करने का प्रावधान भी समाप्त किया जाए। -सुशील शर्मा, चेयरमैन, इंडस्ट्री कमेटी, मर्चेंट्स चेंबर ऑफ उप्र