Budget 2023: आम बजट में सरकार से कानपुर के सराफा को हैं बड़ी उम्मीदें, बोले- सोने पर कम हो आयात शुल्क
कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात शुल्क कम होने से इस पर अंकुश लगेगी और कारोबार में तेजी आएगी। पिछले साल के बजट में सरकार ने एक हाथ से आयात शुल्क में छूट दी थी तो 2.5 फीसदी का कृषि सेस भी लगा दिया था। इसके अलावा जुलाई 2022 में सरकार ने लगातार बढ़ रहे चालू खाता घाटा और सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए आयात शुल्क को 10.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था।
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कानपुर के सराफा कारोबारियों को एक फरवरी को आने वाले आम बजट में सोने पर लगने वाले भारी भरकम आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद है। मौजूदा समय में सोने पर 15 फीसदी आयात शुल्क लगता है। इसमें 2.5 फीसदी कृषि आधारभूत विकास सेस भी शामिल है। इसके अलावा तीन फीसदी जीएसटी है।
इस प्रकार सोने पर कुल 18 फीसदी कर लगता है। इससे स्मगलिंग सबसे ज्यादा होती है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात शुल्क कम होने से इस पर अंकुश लगेगी और कारोबार में तेजी आएगी। पिछले साल के बजट में सरकार ने एक हाथ से आयात शुल्क में छूट दी थी तो 2.5 फीसदी का कृषि सेस भी लगा दिया था। इसके अलावा जुलाई 2022 में सरकार ने लगातार बढ़ रहे चालू खाता घाटा और सोने के आयात पर अंकुश लगाने के लिए आयात शुल्क को 10.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था।
सरकार को सोने के आयात शुल्क में कटौती करनी चाहिए। यह शुल्क 7-8 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस पर जीएसटी भी तीन फीसदी से कम करके दो फीसदी की सिफारिश होनी चाहिए। इससे शुरूआत में राजस्व घट सकता है लेकिन आगे कारोबार बढेगा। जिससे राजस्व कई गुना बढ़ जाएगा।- महेश चंद्र जैन, अध्यक्ष, उप्र सराफा एसोसिएशन
यह भी है मांग
- महंगाई को देखते हुए सरकार पांच लाख रुपये तक नकद में सोना खरीदने की अनुमति दे।
- सोना लगातार महंगा हो रहा है। कुछ लोग ईएमआई पर सोना खरीदना चाहते हैं। इसकी अनुमति मिले।
- क्रेडिट कार्ड पर 45 दिन का उधार मिलता है। इस पर सराफा के खाते से 1.50 से 2.75 प्रतिशत पैसा कट जाता है। व्यापारी इससे बचता है। सरकार को इस पर सब्सिडी देनी चाहिए।
- जब लोग गहने बेचने आते हैं। तो उस पर कैपिटल गेन लगता है। जिसे खत्म कर दिया जाए। इससे सोना उद्योग बढ़ेगा।