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Budget 2022: कानपुर के चमड़ा उद्योग का बढ़ेगा रुतबा, एक्सपोर्ट ड्यूटी 10 फीसदी हुआ कम
Tue, 01 Feb 2022 06:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 01 Feb 2022 06:36 PM IST
सार
कारोबारियों के मुताबिक सरकार के इस फैसले से चमड़े का निर्यात बढ़ेगा। कोरोना की मार झेल रहा चमड़ा उद्योग फिर से उबरेगा। वहीं कारोबारियों ने गति शक्ति योजना का क्रियान्वयन प्रभावी करने के साथ ही शहर में भी मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क की स्थापना की मांग की है। बजट में सरकार ने ऐसे चार पार्कों की घोषणा की है।
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चमड़ा निर्यात
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के कोरोना और बंदी की समस्या से जूझ रहे चमड़ा उद्योग को मंगलवार को आए आम बजट से खासी राहत मिली है। निर्यात प्रोत्साहन के लिए बजट में कच्चे चमड़े पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 40 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी कर दी गई है। इसके अलावा पूर्व में खत्म की गई ड्यूटी फ्री इंपोर्ट लाइसेंस व्यवस्था को भी बहाल किया है।
कारोबारियों के मुताबिक सरकार के इस फैसले से चमड़े का निर्यात बढ़ेगा। कोरोना की मार झेल रहा चमड़ा उद्योग फिर से उबरेगा। वहीं कारोबारियों ने गति शक्ति योजना का क्रियान्वयन प्रभावी करने के साथ ही शहर में भी मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क की स्थापना की मांग की है। बजट में सरकार ने ऐसे चार पार्कों की घोषणा की है।
शहर में एक समय चमड़े का 20 हजार करोड़ का घरेलू कारोबार था, जबकि आठ हजार करोड़ का निर्यात होता था। बीते तीन साल से कोरोना के चलते निर्यात के मोर्चे पर कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां आईं। निर्यात घटकर आधा हो गया। घरेलू बाजार भी आठ से 10 हजार करोड़ का रह गया है।
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इसी बीच सरकार ने पिछले साल के बजट में विदेश से आने वाले कच्चा चमड़ा, फिनिश्ड लेदर पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगा दी थी। इसे वापस तो नहीं लिया, लेकिन लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री के उपयोग में लाने वाली मशीनरी पर पांच फीसदी कस्टम ड्यूटी कम कर दी है। पहले यह 10 फीसदी थी। इसके अलावा लेदर गारमेंट, बैग, पर्स आदि के बनाने में उपयोग आने वाले फास्टनर्स, इनलैकार्ड, लाइनिंग एंड इंटरलाइनिंग, बक्कल, बटन, वेट ब्ल्यू पर कस्टम ड्यूटी कम की है। इसका उपयोग चमड़ा और सिंथेटिक फुटवियर में होता है।
इसके अलावा ड्यूटी फ्री इंपोर्ट डीएफआईएस लाइसेंस व्यवस्था बंद कर दी थी। इसे बहाल कर दिया गया है। इससे कोई बड़ा एक्सपोर्ट आर्डर आने पर बिना कस्टम ड्यूटी चुकाए उत्पाद का आयात किया जा सकेगा।
ओवरआल बजट अच्छा है। भविष्य की योजनाओं के अनुसार बजट पेश किया गया है। चमड़ा उद्योग को भी राहत दी गई है। अलग-अलग उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटाकर पांच फीसदी की गई है। इससे निर्यात बढ़ेगा। - मुख्तारुल अमीन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद
डीएफआईएसलाइसेंस योजना फिर से शुरू की गई है। यह सरकार का अच्छा कदम है। सरकार ने गति शक्ति योजना की घोषण बजट में की है। इससे भी कानपुर समेत देशभर में आधारभूत ढांचा में सुधार होगा। सरकार ने देश में चार मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क बनाने की घोषणा की है। इस तरह का पार्क शहर में भी बने। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
कोरोना और बंदी से चमड़ा उद्योग खासा प्रभावित रहा है। बजट में सरकार ने रॉ बुफैलो हाइड में एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर 40 से 30 फीसदी कर दी है। इससे कच्चा चमड़ा की उपलब्धता बढ़ेगी। लेदर गारमेंट के उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है। इसका लाभ चमड़ा उद्योग को मिलेगा - जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
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कारोबारियों के मुताबिक सरकार के इस फैसले से चमड़े का निर्यात बढ़ेगा। कोरोना की मार झेल रहा चमड़ा उद्योग फिर से उबरेगा। वहीं कारोबारियों ने गति शक्ति योजना का क्रियान्वयन प्रभावी करने के साथ ही शहर में भी मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क की स्थापना की मांग की है। बजट में सरकार ने ऐसे चार पार्कों की घोषणा की है।
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शहर में एक समय चमड़े का 20 हजार करोड़ का घरेलू कारोबार था, जबकि आठ हजार करोड़ का निर्यात होता था। बीते तीन साल से कोरोना के चलते निर्यात के मोर्चे पर कारोबारियों के सामने तमाम चुनौतियां आईं। निर्यात घटकर आधा हो गया। घरेलू बाजार भी आठ से 10 हजार करोड़ का रह गया है।
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इसी बीच सरकार ने पिछले साल के बजट में विदेश से आने वाले कच्चा चमड़ा, फिनिश्ड लेदर पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगा दी थी। इसे वापस तो नहीं लिया, लेकिन लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री के उपयोग में लाने वाली मशीनरी पर पांच फीसदी कस्टम ड्यूटी कम कर दी है। पहले यह 10 फीसदी थी। इसके अलावा लेदर गारमेंट, बैग, पर्स आदि के बनाने में उपयोग आने वाले फास्टनर्स, इनलैकार्ड, लाइनिंग एंड इंटरलाइनिंग, बक्कल, बटन, वेट ब्ल्यू पर कस्टम ड्यूटी कम की है। इसका उपयोग चमड़ा और सिंथेटिक फुटवियर में होता है।
इसके अलावा ड्यूटी फ्री इंपोर्ट डीएफआईएस लाइसेंस व्यवस्था बंद कर दी थी। इसे बहाल कर दिया गया है। इससे कोई बड़ा एक्सपोर्ट आर्डर आने पर बिना कस्टम ड्यूटी चुकाए उत्पाद का आयात किया जा सकेगा।
ओवरआल बजट अच्छा है। भविष्य की योजनाओं के अनुसार बजट पेश किया गया है। चमड़ा उद्योग को भी राहत दी गई है। अलग-अलग उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटाकर पांच फीसदी की गई है। इससे निर्यात बढ़ेगा। - मुख्तारुल अमीन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष चर्म निर्यात परिषद
डीएफआईएसलाइसेंस योजना फिर से शुरू की गई है। यह सरकार का अच्छा कदम है। सरकार ने गति शक्ति योजना की घोषण बजट में की है। इससे भी कानपुर समेत देशभर में आधारभूत ढांचा में सुधार होगा। सरकार ने देश में चार मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क बनाने की घोषणा की है। इस तरह का पार्क शहर में भी बने। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
कोरोना और बंदी से चमड़ा उद्योग खासा प्रभावित रहा है। बजट में सरकार ने रॉ बुफैलो हाइड में एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर 40 से 30 फीसदी कर दी है। इससे कच्चा चमड़ा की उपलब्धता बढ़ेगी। लेदर गारमेंट के उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है। इसका लाभ चमड़ा उद्योग को मिलेगा - जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद