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पोलैंड बार्डर पर माइनस चार डिग्री तापमान में 12 घंटे लाइन में खड़े रहे कानपुर देहात निवासी भाई-बहन

Fri, 04 Mar 2022 12:53 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 12:53 AM IST
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Brothers and sisters, residents of Kanpur dehat, stood in line for 12 hours in minus four degree temperature on Poland border
यूक्रेन में फंसा छात्र अर्पित। संवाद - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। यूक्रेन के खारकीव में फंसे भारतीय छात्र पोलैंड बार्डर पहुंचे तो वहां सैनिकों की अभद्रता का शिकार होना पड़ा। पोलैंड सीमा से यूक्रेनी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में प्राथमिकता दी गई। भारतीय छात्रों के लिए वहां का गेट बंद कर दिया गया।
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इससे 12 घंटे छात्र छात्राएं बर्फबारी के बीच माइनस चार डिग्री सेल्सियस तापमान में लाइन में खड़े रहे। पोलैंड में प्रवेश के बाद अब छात्र-छात्राएं देश में वापसी के लिए वहां फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं।
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रूस के निशाने पर जैसे ही यूक्रेन का खारकीव शहर आया तो भारतीय दूतावास ने छात्रों को जगह छोड़ने की सलाह दी। छात्रा आकांक्षा ने बताया कि दूतावास से मैसेज मिला कि हर हाल में खारकीव शहर छोड़ दें।
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कोई वाहन न मिलने पर पैदल ही निकल लें। इससे खरकीव मेट्रो स्टेशन में छात्र छात्राओं की भारी भीड़ हो गई। वहां यूक्रेनी सैनिकों ने भारतीयों के साथ बुरा बर्ताव किया। छात्रों को डराया व हवाई फायरिंग
की। छात्राओं की मिन्नतों के बाद उन्हें तो ट्रेन में बैठने का मौका दिया, लेकिन छात्रों को नहीं चढ़ने दिया। इससे वह पैदल ही पोलैंड सीमा के लिए निकल पड़े। रास्ते में बमबारी होती रही। दहशत व डर के साथ वह किसी तरह से पोलैंड बार्डर पहुंचे।
उम्मीद थी कि भारत की तरफ से की गई व्यवस्था से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहां यूक्रेनी सैनिकों ने पोलैंड की सीमा में प्रवेश करने के दौरान अभद्रता की। यूक्रेनी नागरिकों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाने के बाद गेट बंद कर लिया।
भारतीय छात्रों की अलग लाइन बनाकर उन्हें खड़ा करा दिया। छात्र-छात्रों ने बताया कि 12 घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद उन्हें पोलैंड में प्रवेश मिला है। इस दौरान बराबर बर्फबारी होती रही। तापमान माइनर चार डिग्री सेल्सियस रहा।
रोमानिया बार्डर से दिल्ली पहुंचा विकास
गुरदही खुर्द गांव के सुरेंद्र सिंह ने बताया कि भाई अरविंद का बेटा विकास यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। युद्ध के दौरान वह निकल कर रोमानिया बार्डर पहुंच गया था। गुरुवार दोपहर वह फ्लाइट से दिल्ली पहुंच गया है। वहां से पिता के साथ भटिंडा पंजाब जा रहा है।

जाह्नवी को फ्लाइट के लिए नंबर आने का इंतजार
मोहम्मद नगर सिकंदरा की छात्रा जाह्नवी कटियार की मां मीना देवी ने बताया कि बेटी रोमानिया बार्डर पर पहुंच गई है। वहां सुरक्षित है, लेकिन उससे बात नहीं हो पा रही है। मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था नहीं है। किसी नंबर से मैसेज कर उसने सुरक्षित होने की जानकारी दी है। मीना देवी ने बताया कि वहां क्रम संख्या के अनुसार फ्लाइट मिल रही है। उम्मीद है कि दो दिन के अंदर फ्लाइट मिल जाएगी।
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