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जालौन: सर्पदंश से भाई-बहनों की मौत, बच्चों के रोने की आवाज सुनकर जगी मां ने देखा सांप
Wed, 09 Sep 2020 01:22 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 09 Sep 2020 01:22 PM IST
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सर्पदंश से भाई-बहनों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
जालौन जिले के सिरसाकलार मंगलवार की रात घर में सो रही किशोरी व उसके छोटे भाई को सांप ने डस लिया। जिससे दोनों बच्चों की हालत बिगड़ गई। बच्चों की मां को जानकारी होने पर खेत पर पानी लगाने गए बच्चों के पिता को सूचना दी।
इसके बाद परिजन दोनों बच्चों को लेकर इलाज के लिए उरई आ रहे थे। तभी रास्ते में दोनों बच्चों की मौत हो गई। घर में इकलौते पुत्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सिरसाकलार कलार थाना क्षेत्र के गांव छानी अहीर निवासी देव सिंह की 11 वर्षीय पुत्री काजल व 8 वर्षीय पुत्र सत्यनारायण उर्फ छोटू मंगलवार की रात घर के कमरे में सो रहे थे।
रात लगभग एक बजे बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बगल में लेटी मां जागी तो देखा बच्ची के हाथ में सांप डंस रहा है। इसपर वह चीखने चिल्लाने लगी। जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देवसिंह शाम आठ बजे खाना खाकर खेत पर पानी लगाने चला गया था।
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इसके बाद परिजन दोनों बच्चों को लेकर इलाज के लिए उरई आ रहे थे। तभी रास्ते में दोनों बच्चों की मौत हो गई। घर में इकलौते पुत्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सिरसाकलार कलार थाना क्षेत्र के गांव छानी अहीर निवासी देव सिंह की 11 वर्षीय पुत्री काजल व 8 वर्षीय पुत्र सत्यनारायण उर्फ छोटू मंगलवार की रात घर के कमरे में सो रहे थे।
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रात लगभग एक बजे बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बगल में लेटी मां जागी तो देखा बच्ची के हाथ में सांप डंस रहा है। इसपर वह चीखने चिल्लाने लगी। जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देवसिंह शाम आठ बजे खाना खाकर खेत पर पानी लगाने चला गया था।
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गांव के लोगों ने उसे सूचना दी। वह घर आया और बच्चों को लेकर इलाज के लिए उरई आ रहा था। तभी रास्ते में दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। बच्चों की मौत की सूचना पर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि देवसिंह की सात पुत्रियां थी। जिसमें तीन की शादी हो चुकी है।
वहीं सात पुत्रियों में छोटू अकेला था। वहीं किशोरी काजल कक्षा सात पढ़ती थी और सत्यनारायण तीन में पढ़ता था। इकलौते पुत्र की मौत से सातों बहनों व माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। एक घर में हुई दो मौतों से घर में कोहराम मच गया।
वहीं पास पड़ोस में भी मातम छाया है। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद गांव के लोगों ने एक सपेरे को बुलाकर घर में छिपे सांप को भी पकड़वा दिया।
वहीं सात पुत्रियों में छोटू अकेला था। वहीं किशोरी काजल कक्षा सात पढ़ती थी और सत्यनारायण तीन में पढ़ता था। इकलौते पुत्र की मौत से सातों बहनों व माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। एक घर में हुई दो मौतों से घर में कोहराम मच गया।
वहीं पास पड़ोस में भी मातम छाया है। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद गांव के लोगों ने एक सपेरे को बुलाकर घर में छिपे सांप को भी पकड़वा दिया।