रिश्वतखोर पुलिस: नो एंट्री के नाम पर वसूली, वीडियो हुआ था वायरल, विभागीय जांच में दोषी साबित
कानपुर के रामादेवी फ्लाईओवर पर पीआरवी ड्यूटी में तैनात रिश्वतखोर चारों पुलिसकर्मी विभागीय जांच में दोषी साबित हुए हैं। बता दें कि हाल ही में हाईवे पर पशु तस्करों से वसूली करते इनका वीडियो वायरल हुआ था।
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एक ओर जहां उत्तरप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति ने दागियों और बेइमान सरकारी कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वहीं, हाल ही में कानपुर हाईवे पर पशु तस्करों से वसूली करने वाले पीआरवी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों के द्वारा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया था, जिनका वीडियो भी वायरल हुआ था। इन पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच बिठाई गई थी, जिसमें यह दोषी पाए गए हैं।
एसीपी कैंट ने विभागीय जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। अब दोषी पुलिसकर्मियों को विभागीय कार्रवाई कर दंडित किया जाएगा। बता दें कि रामादेवी फ्लाईओवर पर पीआरवी 0786 के पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 22 मार्च को वीडियो का संज्ञान लेकर डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने पीआरवी पर तैनात हेड कांस्टेबल सत्यवीर सिंह, सिपाही दिनकर कुमार, सिपाही मीनू व हेडकांस्टेबल अनिल कुमार को निलंबित कर एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक को जांच सौंपी थी।
जांच में स्पष्ट हुआ कि वीडियो सही है। वह इसके पहले भी इसी तरह से तमाम ट्रक चालकों से वसूली करते थे। खासकर वह नो एंट्री का पैसा लेते थे। इन सभी साक्ष्यों व आधार पर चारों पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के लिए पीठासीन अधिकारी तय किया जाएगा। वह मामले की सुनवाई करेगा। वहां पर इन पुलिसकर्मियों को अपनी सफाई पेश करने का मौका मिलेगा। उसके बाद पीठासीन अफसर इनको विभागीय दंड देगा।