मैनपुरी बस हादसाः उस दर्दनाक मंजर को बयां करते समय जीशान के 'हर शब्द पर छलकी लोगों की आंखें'
जयपुर से फर्रुखाबाद आ रही प्राइवेट ट्रैवल्स की बस मैनपुरी के पास पलट गई। इसमें 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, कई लोग घायल हो गए। घायलों में जिले के 12 लोग हैं। हादसे में बचकर आए यूपी के फर्रुखाबाद जिले के जीशान का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। वहीं, एक अन्य यात्री हादसे के सदमे से उबर ही नहीं पा रहा है। वह घर लौट कर आने के बाद से किसी से बात नहीं कर रहा है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला खटकपुरा निवासी जीशान (17) ने बताया कि वह जयपुर में रह कर एसी ठीक का काम करता है। बस में पीछे की तरफ बैठा था। अचानक जोर का झटका लगा और लगभग बेहोश हो गया। कुछ देर बाद होश में आने पर देखा तो उनके हाथ में हल्की सी खरोच थीं। बस पलटी पड़ी थी। बाहर की तरफ पुलिस खड़ी थी। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करे।
कुछ देर बाद अपना बैग उठाया और बाहर निकल आए। बाहर का नजारा देख आंखें फटी की फटी रह गईं। रोड पर चारों ओर शव ही शव नजर आ रहे थे। एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर मैनपुरी बस स्टैंड तक पहुंचे। वहां से रोडवेज बस से घर आ गए।
खिड़की की ओर बैठने के कारण जान हाथ धोना पड़ा
जहानगंज निवासी डिंपी (28) की शादी 18 माह पहले भरतपुर निवासी ढाबा मालिक अजय से हुई थी। करीब आठ दिन पहले भानुप्रताप बहन को बुलाने भरतपुर गया था। बुधवार को वह दोनों प्राइवेट ट्रैवल्स की बस से फर्रुखाबाद आ रहे थे।
मैनपुरी से पहले कीरतपुर में चालक को झपकी लगने से बस अनियंत्रित होकर पलट गई। खिड़की की ओर बैठी डिंपी का गर्दन बस की किनारी से कट गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यात्रियों ने बताया कि कुछ लोग छत पर बैठ कर यात्रा कर रहे थे
छत पर बैठने वालों में अधिकतर की मौत
हादसे में बच कर आए यात्रियों ने बताया कि कुछ लोग छत पर बैठ कर यात्रा कर रहे थे। बस पलटने पर जो लोग छत पर बैठे थे, उनमें अधिकतर की मौत हो गई। बस के अंदर बैठे यात्रियों में कई घायल हुए और कुछ की जान गई।
काउंटर पर नहीं किया टिकट का पंजीकरण
जिस प्राइवेट ट्रैवल्स की बस से हादसा हुआ है। बुधवार को उसका काउंटर ही नहीं खुला। कर्मचारी तो बैठे थे, लेकिन वह बस से यात्रा करने वालों के टिकट का पंजीकरण नहीं कर रहे थे।