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आर्थिक तंगी की वजह से किसान ने लगाई फांसी, बकाया था तीन लाख रुपये बिजली बिल
Wed, 08 May 2019 09:13 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 08 May 2019 09:13 PM IST
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यूपी के बांदा जिले में आर्थिक तंगी के चलते किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के बेटों का कहना है कि तीन लाख रुपये बिजली बिल की अदायगी और बेटी की शादी के लिए वह परेशान थे। पानी संकट होने पर फसल भी अच्छी नहीं हुई। इसी तनाव में जान दे दी।
बांदा सदर तहसील और कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत मथना खेड़ा गांव की है। किसान हीरामन साहू (50) पुत्र राम आसरे ने मंगलवार को शाम खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी के फंदे पर झूल गया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पुत्र संतोष साहू व अनुरागी साहू ने बताया कि पिता के नाम एक बीघा खेत है। 40 हजार रुपये में तीन बीघा जमीन ठेके पर ली थी। इसमें 55 हजार रुपये खर्च कर गेहूं बोया था, लेकिन सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल सूख गई। खेत में मात्र डेढ़ क्विंटल उत्पादन हुआ। लागत भी न निकलने से परेशान थे। इसके अलावा बिजली बिल का तीन लाख रुपये बकाया है। इसकी अदायगी और पुत्री मंजू की शादी के लिए भी चिंतित थे।
संतोष का कहना है कि ट्यूबवेल पांच सालों से बंद है। कनेक्शन काटने के लिए विभाग में कई बार अर्जी दी, लेकिन कनेक्शन नहीं काटा। दो किलोवाट का बिल लगातार आता रहा। उधर, तहसीलदार अवधेश निगम का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। राजस्व कर्मियों से जांच कराई जाएगी।
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बांदा सदर तहसील और कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत मथना खेड़ा गांव की है। किसान हीरामन साहू (50) पुत्र राम आसरे ने मंगलवार को शाम खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी के फंदे पर झूल गया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पुत्र संतोष साहू व अनुरागी साहू ने बताया कि पिता के नाम एक बीघा खेत है। 40 हजार रुपये में तीन बीघा जमीन ठेके पर ली थी। इसमें 55 हजार रुपये खर्च कर गेहूं बोया था, लेकिन सिंचाई के लिए पानी न मिलने से फसल सूख गई। खेत में मात्र डेढ़ क्विंटल उत्पादन हुआ। लागत भी न निकलने से परेशान थे। इसके अलावा बिजली बिल का तीन लाख रुपये बकाया है। इसकी अदायगी और पुत्री मंजू की शादी के लिए भी चिंतित थे।
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संतोष का कहना है कि ट्यूबवेल पांच सालों से बंद है। कनेक्शन काटने के लिए विभाग में कई बार अर्जी दी, लेकिन कनेक्शन नहीं काटा। दो किलोवाट का बिल लगातार आता रहा। उधर, तहसीलदार अवधेश निगम का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। राजस्व कर्मियों से जांच कराई जाएगी।
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