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Kanpur News: मेरे दोनों हीरे चले गए कहते हुए सिसकती रही संगीता

Fri, 04 Sep 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 04 Sep 2026 01:43 AM IST
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"Both my gems are gone," Sangeeta kept saying, sobbing.
कानपुर देहात। आंखों के सामने दोनों बच्चों की मौत से संगीता पूरी तरह से बदहवास है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद वह मलबे में दबी उस चारपाई पर बैठ गई जिस पर लेटे होने के दौरान मलबे में दबने से दोनों बच्चों की जान गई। संगीता दोनों बच्चों की दूध की बोतल हाथ में लेकर कभी कहती मेरे दोनों हीरे चले गए तो कभी मलबे में दबे बच्चों के खिलौने खोजने का प्रयास कर बिलख उठती। संगीता की बेबसी देख हर एक आंख नम हो गई।
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एक कमरे का कच्चा घर बारिश में ढह जाने से मासूम पलक व उसके भाई लविश की मौत व पिता श्रीराम के घायल होने की जानकारी देने के दौरान संगीता बीच-बीच में बिलख उठती। यहां तक कि बोलने के प्रयास के बाद भी उसकी आवाज सही ढंग से नहीं निकल पा रही थी। संगीता ने बताया कि उसकी आठ साल पहले शादी हुई थी। शादी के बाद ही उसे हिस्से में एक कच्चा मकान मिला था। वह भी जर्जर हालत में था। वह व पति घर पर पॉलिथीन डालकर बच्चों के साथ गुजर बसर कर रहे थे। कई दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश व घर की छत टपकने से बेटी पलक डरी हुई थी।
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बुधवार रात करीब 10 बजे पति बेटी पलक को अपनी चारपाई पर साथ लिटा लिया था। वहीं, बेटे लविश को अपने पेट पर लिटाए थे। बेटी ने पति से कहा था कि पापा कच्चे घर में बहुत डर लगता है। आप कैसे भी करके दो हजार ईंटें मंगवाकर पक्की दीवारें बनवा लीजिए नहीं तो हादसा हो जाएगा। कुछ देर बाद वह अपनी चारपाई से उठकर बच्चों की दूध की बोतल भरने के लिए कमरे के बाहर रखे छप्पर में पहुंची ही थी। उसकी आंखों के सामने एक दीवार भरभरा कर उनके ऊपर गिर गई। आंखों के सामने उसके दोनों हीरे छिन गए। अब वह जिंदा रहकर क्या करेगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल श्रीराम भी बच्चों की याद में बार-बार बिलखते रहे। मलबे में दबने से उसका बायां हाथ टूट गया जबकि कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। वह बस यही बोले जा रहा है कि बच्चों के इतने करीब होने के बाद भी वह उन्हें बचा नहीं सका। उसकी पूरी खुशियां छिन गईं अब वह कैसे जियेगा। (संवाद)
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बेटी को फिंगर चिप्स खिलाने का वादा अधूरा
संगीता ने बिलखते हुए बताया कि रात नौ बजे के करीब उसने बेटी को कढ़ी चावल खिलाए थे। पति उसके लिए काला जामुन लेकर आए थे। पति ने जब उसे काला जामुन खिलाया तो बेटी ने फिंगर चिप्स खाने की इच्छा जाहिर की थी। पति ने उसे सुबह फिंगर चिप्स खिलाने का वादा किया था। उसे नहीं मालूम था कि काला जामुन ही बच्चों का आखिरी निवाला होगा। बेटी को फिंगर चिप्स खिलाने का वादा भी अधूरा रह गया।
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