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बॉटेनिकल गार्डेन फर्जीवाड़ा: केडीए अफसर सोते रहे, कंपनी फ्रॉड करती रही
Mon, 20 May 2019 05:37 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 20 May 2019 05:37 PM IST
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बॉटेनिकल गार्डेन में अधूरा पड़ा काम
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर लोहिया बॉटेनिकल गार्डेन का निर्माण करवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले जीपीटी इन्फ्राप्रोजेक्ट प्रालि. कंपनी की करतूत के बारे में कानपुर विकास प्राधिकरण को तीन साल पहले से जानकारी थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। केडीए की कार्रवाई बस नोटिस तक ही सीमित रही। नतीजतन कंपनी केडीए को करोड़ों का चूना लगाकर चंपत हो गई।
सन 2015 में केडीए ने गार्डेन निर्माण का टेंडर कोलकाता की जीपीटी इन्फ्राप्रोजेक्ट प्रालि. को दिया था। प्रोजेक्ट का कुल बजट 70 करोड़ रुपये था। केडीए ने कंपनी को कुल 17 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इस दौरान कंपनी ने एक करोड़ 34 लाख रुपये आर्नेंस्ट मनी (टेंडर के समय गारंटी की रकम) और 3 करोड़ रुपये इलाहाबाद बैंक की गारंटी लगाई थी।
कंपनी को हर साल बैंक गारंटी रिनीवल करवानी थी लेकिन कंपनी ने 2016 में ही बैंक गारंटी की कुल रकम चार करोड़ 34 लाख रुपये कैश करवा लिए। वहीं केडीए में गारंटी के फर्जी दस्तावेज जमा कर दिए। हैरानी की बात ये है कि इस फर्जीवाड़े को केडीए ने कुछ ही महीने बाद पकड़ लिया था पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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सन 2015 में केडीए ने गार्डेन निर्माण का टेंडर कोलकाता की जीपीटी इन्फ्राप्रोजेक्ट प्रालि. को दिया था। प्रोजेक्ट का कुल बजट 70 करोड़ रुपये था। केडीए ने कंपनी को कुल 17 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था। इस दौरान कंपनी ने एक करोड़ 34 लाख रुपये आर्नेंस्ट मनी (टेंडर के समय गारंटी की रकम) और 3 करोड़ रुपये इलाहाबाद बैंक की गारंटी लगाई थी।
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कंपनी को हर साल बैंक गारंटी रिनीवल करवानी थी लेकिन कंपनी ने 2016 में ही बैंक गारंटी की कुल रकम चार करोड़ 34 लाख रुपये कैश करवा लिए। वहीं केडीए में गारंटी के फर्जी दस्तावेज जमा कर दिए। हैरानी की बात ये है कि इस फर्जीवाड़े को केडीए ने कुछ ही महीने बाद पकड़ लिया था पर कोई कार्रवाई नहीं की।
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फिर भी दो साल तक कंपनी करती रही काम
फर्जीवाड़ा पकड़ जाने केबाद केडीए ने कंपनी को पत्र लिखकर गांरटी रिनीवल करवाकर सही दस्तावेज देने का आदेश दिया था बावजूद इसके कंपनी ने केडीए को सही दस्तावेज मुहैया नहीं कराए। इसके बाद 2016 में निर्माण कार्य की अवधि भी बढ़ा दी गई और काम 2018 अक्तूबर तक जारी रहा।
ब्लैक लिस्ट होगी कंपनी
केडीए ने एक पत्र कंपनी को भेजा है, लेकिन अभी तक उसका जवाब नहीं आया है। अब केडीए कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की योजना बना रही है। सवाल है कि केडीए ने जब उसको टेंडर दिया था तो कंपनी केस्टेटस के बारे में पता कर सत्यापन क्यों नहीं कराया था।
राम भरोसे हुआ प्रोजेक्ट
बॉटेनिकल गार्डेन प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से लटक गया है। प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले से ही पीछे चल रहा था अब और वह राम भरोसे हो गया है। केडीए के एक अधिकारी के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा कि नहीं, बजट बढ़ेगा या नहीं या फिर जितना निर्माण कार्य हुआ है, उसी को पूरा करवाकर खानापूरी कर ली जाएगी। इसके बारे विभाग के पास कोई जानकारी नहीं हैं।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में केडीए केअधिशासी अभियंता ने शुक्रवार को कंपनी के तीन निदेशक अतुल तंतिया, द्वारिका प्रसाद, ममता बिनानी और प्रबंध निदेशक श्रीगोपाल तंतिया पर धोखाधड़ी, पैसे हड़पने, जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में स्वरूप नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस जांच कर रही है।
फर्जीवाड़ा पकड़ जाने केबाद केडीए ने कंपनी को पत्र लिखकर गांरटी रिनीवल करवाकर सही दस्तावेज देने का आदेश दिया था बावजूद इसके कंपनी ने केडीए को सही दस्तावेज मुहैया नहीं कराए। इसके बाद 2016 में निर्माण कार्य की अवधि भी बढ़ा दी गई और काम 2018 अक्तूबर तक जारी रहा।
ब्लैक लिस्ट होगी कंपनी
केडीए ने एक पत्र कंपनी को भेजा है, लेकिन अभी तक उसका जवाब नहीं आया है। अब केडीए कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की योजना बना रही है। सवाल है कि केडीए ने जब उसको टेंडर दिया था तो कंपनी केस्टेटस के बारे में पता कर सत्यापन क्यों नहीं कराया था।
राम भरोसे हुआ प्रोजेक्ट
बॉटेनिकल गार्डेन प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से लटक गया है। प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले से ही पीछे चल रहा था अब और वह राम भरोसे हो गया है। केडीए के एक अधिकारी के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा कि नहीं, बजट बढ़ेगा या नहीं या फिर जितना निर्माण कार्य हुआ है, उसी को पूरा करवाकर खानापूरी कर ली जाएगी। इसके बारे विभाग के पास कोई जानकारी नहीं हैं।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में केडीए केअधिशासी अभियंता ने शुक्रवार को कंपनी के तीन निदेशक अतुल तंतिया, द्वारिका प्रसाद, ममता बिनानी और प्रबंध निदेशक श्रीगोपाल तंतिया पर धोखाधड़ी, पैसे हड़पने, जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में स्वरूप नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस जांच कर रही है।