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शुक्लागंज: दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान गंगा नदी में पलटी नाव, सात लोग थे सवार, डूबने से बचे

Mon, 19 Oct 2026 09:21 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Mon, 19 Oct 2026 09:21 PM IST
सार

सीताराम कॉलोनी स्थित आनंद घाट के पास की घटना है। गहराई कम होने से सभी बच गए। 100 मीटर की दूरी पर बालू घाट चौकी में पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी।

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Boat capsizes in the Ganges during Durga idol immersion; seven people on board narrowly escape drowning
इसी नाव से हुआ हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीताराम कॉलोनी स्थित आनंद घाट के पास सोमवार को दोपहर दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान संतुलन बिगड़ने से नाव गंगा नदी में पलट गई। नाव में नाविक उसका सहायक समेत सात लोग सवार थे। सभी लोग गंगा नदी में गिर गए। गनीमत रही कि वहां गहराई कम होने से सभी किसी तरह सकुशल निकल आए। घटना के समय सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं था। घटना स्थल से 100 मीटर की दूरी पर बालू घाट पुलिस चौकी है, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
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श्रीनगर मोहल्ले में मां कल्याणी सेवा समिति के तत्वावधान में तीन दिन से श्री नगर महोत्सव का आयोजन हो रहा था। सोमवार को भंडारे के बाद दुर्गा मूर्ति का विसर्जन करने के लिए भक्त गाजे-बाजे के साथ सीताराम कॉलोनी आनंद घाट पहुंचे। मोहल्ले के संदीप सैनी, अंशू पंडित, प्रतीक तिवारी, कन्हैया, अशर्फी लाल व नाविक लईक व उसका सहायक समेत सात लोग नाव से मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे थे। तभी नाव असंतुलित होकर गंगा नदी में पलट गई। गनीमत रही कि जिस जगह नाव पलटी, वहां करीब पांच से छह फीट पानी होना बताया गया। इसकी वजह से सभी का जान बच गई।
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प्रशासन से बिना अनुमति के कराया गया मूर्ति विसर्जन
समिति के पास आनंद घाट पर मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद यहां विसर्जन कराया गया। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि गगनीखेड़ा झील को ही विसर्जन स्थल बनाया गया है।वहीं पर मूर्तियों के विसर्जन के लिए सभी को अनुमति दी गई है। यहां अनधिकृत रूप से विसर्जन किया गया। वहीं, बालू घाट चौकी प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें उच्च अधिकारियों की ओर से बताया गया कि मां कल्याणी सेवा समिति को मुक्तेश्वर घाट रविदास नगर में मूर्ति विसर्जन की अनुमति है। लेकिन वह आनंद घाट कैसे आ गए नहीं पता। उधर, सभासद के पति उदयराज कश्यप का कहना है कि मुक्तेश्वर घाट पर वहां नाला टूटा था जिस कारण वाहन नहीं जा सकते थे। इसलिए आनंद घाट पहुंच गए। 
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हाथ-पांव चलाकर डूबते लोग बाहर आए
आनंद घाट पर प्रत्यक्षदर्शी मनोहर नगर निवासी फूलचंद व उनकी पत्नी संगीता ने बताया कि जिस वक्त नाव पलटी, सभी डूबने लगे और चीख पुकार मच गई। लेकिन गहराई कम होने के कारण किसी तरह से हाथ-पांव चलाकर डूब रहे सभी लोग बाहर आ गए। इससे बड़ी घटना होने से बच गई। खास बात यह रही कि घटना स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है, लेकिन पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी। चौकी प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि वह कोर्ट गए थे। आने पर उन्हें सिपाहियों ने बताया।

 

घटना के वक्त एसपी गगनीखेड़ा झील का कर रहे थे निरीक्षण
आनंद घाट के पास दोपहर जिस समय नाव पलटी, एसपी जय प्रकाश सिंह गगनीखेड़ा स्थित झील पर विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर रहे थे। उसी समय आनंद घाट पर नाव पलट गईं। लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गईं। 

नाव में था छेद, पानी भरा तो पलट गई
मां कल्याणी सेवा समिति के सदस्य व वार्ड संख्या-27 के सभासद के पति उदयराज कश्यप ने बताया कि नाव में समिति के पांच लोग व नाविक व उसका सहायक मिलाकर सात लोग थे। नाव में पहले से छेद था, जिसकी वजह से उसमें पानी भरने लगा, जब पानी अधिक भर गया तो नाव पलट गईं। हालांकि सभी लोग सही सलामत निकल आए। 
 
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