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Kanpur News: खानचंद्रपुर में 42 नए लोगों का लिया गया ब्लड सैंपल, उमरन में सर्वे शुरू
Fri, 12 Sep 2025 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:27 AM IST
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कानपुर देहात। औद्योगिक क्षेत्र रनियां से सटे खानचंद्रपुर में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय समय पर जांच की जा रही है। जिससे लोगों में बीमारी व उनके स्वास्थ्य का पता लगाया जा सके। इसी क्रम में गुरुवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम ने 42 लोगों से ब्लड सैंपल लिए। अब उमरन में सर्वे शुरू किया जाएगा।
खानचंद्रपुर में डंप क्रोमियम कचरा से यहां का भूजल दूषित हो गया था। इसके बाद से लोगों में कई तरह की परेशानियां होने लगी। कुछ लोगों में क्रोमियम, मर्करी भी पाया गया था। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संबंधी निगरानी कर रहा है। विभाग की ओर से महीने में सात दिन शिविर लगाकर संक्रमित मिले लोगों के साथ अन्य ग्रामीणों की स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से खानचंद्रपुर व इसके मजरे यादव पुरवा, चौहान पुरवा, पालनपुरवा के 2500 लोगों का 30 अगस्त तक सर्वे कराया गया था। सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि खानचंद्रपुर व इसके मजरों में सर्वे के बाद बिना लक्षण वाले 42 लोगों को चिन्तिहित किया गया था। जिनका गुरुवार को ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि गांवों में क्रोमियम व मर्करी का खतरा कम हुआ है या नहीं। साथ ही इससे क्रोमियम व मर्करी के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर की भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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उन्होंने बताया कि विभाग अब खानचंद्रपुर के अलावा आसपास के गांवों के लोगों का भी सर्वे कर रहा है। इसमें उमरन गांव के करीब 2700 लोगों का सर्वे किया जाना है। जिसमें लोगों के त्वचा, फेंफड़े, दिल, गुर्दा, लीवर, पेट, माशपेशियों, हडि्डयों, प्रजनन क्षमता, किसी भी प्रकार की कोई गंभीर तो नहीं इसका पता लगाया जाएगा। इसमें पूर्व में हुई बीमारी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे डॉ. पायल व डॉ. दीपक, सहित चार डॉक्टरों के नेतृत्व में चार टीमों ने सर्वे शुरू किया है। प्रत्येक टीम में डॉक्टर के साथ पांच स्वास्थ्य कर्मियों को भी शामिल किया गया है। गुरुवार को गांव के 800 लोगों का सर्वे किया गया है। जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट एनजीटी को भेजी जाएगी।
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20 लोगों में मिला था मानक से अधिक क्रोमियम
रनियां के खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप रहने की वजह से भूजल दूषित हुआ था। मई में यहां 64 ग्रामीणों के सैंपल लिए गए थे। जांच में सभी 64 लोगों में क्रोमियम और पांच में मर्करी पाया गया था। 20 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था।
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लोगों के शरीर में घातक तत्व पहुंचने की यह है मुख्य वजह
खानचंद्रपुर में छह फैक्टरियों से निकलने वाला क्रोमियम कचरा डंप कर दिया गया था। 20 साल से अधिक समय तक खुले में पड़ा क्रोमियम कचरा बारिश के पानी के साथ भूजल में मिल गया है। इससे खानचंद्रपुर व इसके मजरों का पानी संक्रमित हो गया है। प्रशासन की ओर से गांव में स्वच्छ पानी के लिए टंकी से सप्लाई दी जाती है। मगर कई बार पानी की सप्लाई न हो पाने से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ता है।
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खानचंद्रपुर में डंप क्रोमियम कचरा से यहां का भूजल दूषित हो गया था। इसके बाद से लोगों में कई तरह की परेशानियां होने लगी। कुछ लोगों में क्रोमियम, मर्करी भी पाया गया था। एनजीटी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संबंधी निगरानी कर रहा है। विभाग की ओर से महीने में सात दिन शिविर लगाकर संक्रमित मिले लोगों के साथ अन्य ग्रामीणों की स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
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वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से खानचंद्रपुर व इसके मजरे यादव पुरवा, चौहान पुरवा, पालनपुरवा के 2500 लोगों का 30 अगस्त तक सर्वे कराया गया था। सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि खानचंद्रपुर व इसके मजरों में सर्वे के बाद बिना लक्षण वाले 42 लोगों को चिन्तिहित किया गया था। जिनका गुरुवार को ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि गांवों में क्रोमियम व मर्करी का खतरा कम हुआ है या नहीं। साथ ही इससे क्रोमियम व मर्करी के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर की भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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उन्होंने बताया कि विभाग अब खानचंद्रपुर के अलावा आसपास के गांवों के लोगों का भी सर्वे कर रहा है। इसमें उमरन गांव के करीब 2700 लोगों का सर्वे किया जाना है। जिसमें लोगों के त्वचा, फेंफड़े, दिल, गुर्दा, लीवर, पेट, माशपेशियों, हडि्डयों, प्रजनन क्षमता, किसी भी प्रकार की कोई गंभीर तो नहीं इसका पता लगाया जाएगा। इसमें पूर्व में हुई बीमारी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे डॉ. पायल व डॉ. दीपक, सहित चार डॉक्टरों के नेतृत्व में चार टीमों ने सर्वे शुरू किया है। प्रत्येक टीम में डॉक्टर के साथ पांच स्वास्थ्य कर्मियों को भी शामिल किया गया है। गुरुवार को गांव के 800 लोगों का सर्वे किया गया है। जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट एनजीटी को भेजी जाएगी।
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20 लोगों में मिला था मानक से अधिक क्रोमियम
रनियां के खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप रहने की वजह से भूजल दूषित हुआ था। मई में यहां 64 ग्रामीणों के सैंपल लिए गए थे। जांच में सभी 64 लोगों में क्रोमियम और पांच में मर्करी पाया गया था। 20 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था।
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लोगों के शरीर में घातक तत्व पहुंचने की यह है मुख्य वजह
खानचंद्रपुर में छह फैक्टरियों से निकलने वाला क्रोमियम कचरा डंप कर दिया गया था। 20 साल से अधिक समय तक खुले में पड़ा क्रोमियम कचरा बारिश के पानी के साथ भूजल में मिल गया है। इससे खानचंद्रपुर व इसके मजरों का पानी संक्रमित हो गया है। प्रशासन की ओर से गांव में स्वच्छ पानी के लिए टंकी से सप्लाई दी जाती है। मगर कई बार पानी की सप्लाई न हो पाने से लोगों को दूषित पानी पीना पड़ता है।