फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Blasts in Ukraine shake the heart, worrying about returning home, three students including my brother and sister trapped

यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राएं बोली धमाकों से दहल रहा दिल

Sat, 26 Feb 2022 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:17 AM IST
विज्ञापन
Blasts in Ukraine shake the heart, worrying about returning home, three students including my brother and sister trapped
पिता के साथ यूक्रेन में फंसी छात्रा आकांक्षा फाइल फोटो। संवाद - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात । पुखरायां के विवेकानंद नगर निवासी शैलेंद्र कटियार की बेटी आकांक्षा यूक्रेन के खारकीव शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसके साथ ममेरा भाई अमोली डेरापुर निवासी अर्पित भी है। यूक्रेन में रूसी हमले की जानकारी के बाद से दोनों के परिजन बेचैन हैं।
विज्ञापन

फोन पर परिजनों से हुई बातचीत में आकांक्षा ने बताया कि वहां के हालात बेहद खराब हैं। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षित ठिकानों जैसे मेट्रो स्टेशन, अंडरग्राउंड हाल या बंकर में जाने के लिए कहा है। इससे वह नजदीक के मेट्रो स्टेशन में पहुंच गए हैं। सभी छात्रों ने कॉलेज का छात्रावास छोड़ दिया है।
विज्ञापन

उनके साथ यूपी और बिहार के करीब 20 छात्र हैं। ममेरे भाई-बहन तीन महीने पहले यूक्रेन गए थे। बताया कि हालात तनावपूर्ण थे, लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि शहरी हिस्सों में हमले शुरू हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सुरक्षित वापसी कराने की मांग की है। इनके परिजन भी प्रधानमंत्री से बच्चों को सकुशल लाने की मांग कर रहे हैं। अर्पित के पिता राजू ने बताया कि रातदिन एक ही चिंता है। दोनों बच्चे सुरक्षित घर आ जाएं।
बम धमाकों के साथ हर तरफ धुआं-धुआं
सिकंदरा। कस्बे के मोहम्मदनगर के रिटायर्ड फौजी संतोष कुमार कटियार ने बताया कि बेटी जाह्नवी यूक्रेन की टर्नोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। युद्ध छिड़ने से बेटी यूनिवर्सिटी के छात्रावास में कैद होकर रह गई है।
उसने फोन पर जानकारी दी है कि किसी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। लगातार बम धमाके हो रहे हैं। चारों तरफ धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। लगातार हो रहे धमाकों से दिल दहल रहा है। पिता ने बेटी को ढांढस बंधाते हुए हिम्मत से काम लेने की बात कही है।

संतोष ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर बेटी को सकुशल लाने की अपील की है। घर के लोग उससे एक बार बात कर पाए हैं। वहां नेटवर्क समस्या के चलते ठीक से बात भी नहीं हो पा रही है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed