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26 करोड़ के कालेधन में फंसे बाबू सिंह कुशवाहा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:07 AM IST
सार
अपना और पत्नी का फर्जी बनवाया वोटर आईडी
सतर्कता अधिष्ठान ने अतर्रा में दर्ज कराए दो केस
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विस्तार
एनएचआरएम घोटाला और आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई जांच और जेल का सामना कर रहे पूर्व काबीना मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के आरोपों की फेहरिस्त में दो और केस दर्ज हो गए। यह उनके पैतृक जनपद बांदा में ही उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने दर्ज कराए हैं। इनमें एक मामला कुशवाहा द्वारा बांदा व अतर्रा में बनाए गए दो शिक्षा संस्थानों के भवनों में आय से 26 करोड़ से अधिक खर्च का है। दूसरे मामले में कुशवाहा और उनकी पत्नी पर नाम बदल कर दो स्थानों से वोटर आईडी कार्ड हासिल करना है।
सतर्कता अधिष्ठान के झांसी में तैनात निरीक्षक रामनिवास सिंह ने बुधवार शाम अतर्रा थाने में दो रिपोर्ट दर्ज कराईं हैं। पहली रिपोर्ट में कहा है कि बाबू सिंह कुशवाहा (तत्कालीन मंत्री व एमएलसी) की जांच में पाया गया कि अपनी आय के सभी ज्ञात व वैध स्रोतों से कुल 24 लाख 74 हजार 926 रुपये आय अर्जित की। लेकिन, इसी अवधि में बांदा शहर में भागवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट और अतर्रा में तथागत ज्ञानस्थली हायर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) के भवन निर्माण में 26 करोड़ 67 लाख 33 हजार 142 रुपये खर्च किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाबू सिंह कुशवाहा ने भागवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट में अपने परिजनों व मित्रों, पत्नी सुकन्या उर्फ शिवकन्या सहित शिवशरण कुशवाहा पुत्र स्व.भागवत प्रसाद (पखरौली), राम प्रसाद जायसवाल पुत्र गोरख प्रसाद (लखनऊ) को ट्रस्टी के रूप में शामिल किया।
इसी तरह तथागत ज्ञानस्थली में विद्यालय संचालन प्रबंध समिति में पत्नी को अध्यक्ष बनाया। साथ ही लक्ष्मी प्रसाद कुशवाहा पुत्र चुन्ना (दिखितवारा, अतर्रा) को उपाध्यक्ष, नवीन कुमार गुप्ता पुत्र बालकृष्ण गुप्ता (अतर्रा) को प्रबंधक, विजय बहादुर पुत्र चुन्ना प्रसाद (अतर्रा) को उप मंत्री, नत्थूराम उर्फ महावीर (लखनऊ) को कोषाध्यक्ष, मथुरा प्रसाद पुत्र रामसुदर्शन (बांदा) को आय-व्यय निरीक्षक और शिवशरण पुत्र भागवत प्रसाद कुशवाहा को सदस्य नामित किया।
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सतर्कता अधिष्ठान द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि कुशवाहा ने लोक सेवक के रूप में काम करते हुए अपने पद का दुरुपयोग करके अवैध स्रोतों से अर्जित 26 करोड़ 67 लाख 33 हजार 142 रुपये खर्च किए हैं। जो उनकी वैध आमदनी से 26 करोड़ 42 लाख 58 हजार 216 रुपये अधिक है। कुशवाहा ने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। निरीक्षक की तहरीर पर श्री कुशवाहा समेत विद्यालय के सभी उपरोक्त पदाधिकारियों व सदस्यों के विरुद्ध अपराध संख्या 108/17 में धारा 13 (1) डी, 13 (1) ई, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान झांसी द्वारा की जाएगी।
दूसरी रिपोर्ट में बाबू सिंह कुशवाहा द्वारा अपना नाम बबेरू विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में रामचरन और पत्नी का नाम शुकन्या लिखा कर वोटर आईडी कार्ड हासिल किया है। साथ ही नरैनी विधान सभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में वर्ष 2011 में छद्म नाम बाबू सिंह और पत्नी का छद्म नाम शिवकन्या देवी लिखा कर वोटर बने हैं। बबेरू क्षेत्र में अपना पता पखरौली गांव और नरैनी लिस्ट में अपना पता अतर्रा दिखाया है। सतर्कता अधिष्ठान निरीक्षक की तहरीर पर दोनों के विरुद्ध अपराध संख्या 109/17 धारा 419 आईपीसी व जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान करेगा।
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सतर्कता अधिष्ठान के झांसी में तैनात निरीक्षक रामनिवास सिंह ने बुधवार शाम अतर्रा थाने में दो रिपोर्ट दर्ज कराईं हैं। पहली रिपोर्ट में कहा है कि बाबू सिंह कुशवाहा (तत्कालीन मंत्री व एमएलसी) की जांच में पाया गया कि अपनी आय के सभी ज्ञात व वैध स्रोतों से कुल 24 लाख 74 हजार 926 रुपये आय अर्जित की। लेकिन, इसी अवधि में बांदा शहर में भागवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट और अतर्रा में तथागत ज्ञानस्थली हायर सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) के भवन निर्माण में 26 करोड़ 67 लाख 33 हजार 142 रुपये खर्च किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाबू सिंह कुशवाहा ने भागवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट में अपने परिजनों व मित्रों, पत्नी सुकन्या उर्फ शिवकन्या सहित शिवशरण कुशवाहा पुत्र स्व.भागवत प्रसाद (पखरौली), राम प्रसाद जायसवाल पुत्र गोरख प्रसाद (लखनऊ) को ट्रस्टी के रूप में शामिल किया।
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इसी तरह तथागत ज्ञानस्थली में विद्यालय संचालन प्रबंध समिति में पत्नी को अध्यक्ष बनाया। साथ ही लक्ष्मी प्रसाद कुशवाहा पुत्र चुन्ना (दिखितवारा, अतर्रा) को उपाध्यक्ष, नवीन कुमार गुप्ता पुत्र बालकृष्ण गुप्ता (अतर्रा) को प्रबंधक, विजय बहादुर पुत्र चुन्ना प्रसाद (अतर्रा) को उप मंत्री, नत्थूराम उर्फ महावीर (लखनऊ) को कोषाध्यक्ष, मथुरा प्रसाद पुत्र रामसुदर्शन (बांदा) को आय-व्यय निरीक्षक और शिवशरण पुत्र भागवत प्रसाद कुशवाहा को सदस्य नामित किया।
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सतर्कता अधिष्ठान द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि कुशवाहा ने लोक सेवक के रूप में काम करते हुए अपने पद का दुरुपयोग करके अवैध स्रोतों से अर्जित 26 करोड़ 67 लाख 33 हजार 142 रुपये खर्च किए हैं। जो उनकी वैध आमदनी से 26 करोड़ 42 लाख 58 हजार 216 रुपये अधिक है। कुशवाहा ने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। निरीक्षक की तहरीर पर श्री कुशवाहा समेत विद्यालय के सभी उपरोक्त पदाधिकारियों व सदस्यों के विरुद्ध अपराध संख्या 108/17 में धारा 13 (1) डी, 13 (1) ई, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और आईपीसी की धारा 120बी के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान झांसी द्वारा की जाएगी।
दूसरी रिपोर्ट में बाबू सिंह कुशवाहा द्वारा अपना नाम बबेरू विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में रामचरन और पत्नी का नाम शुकन्या लिखा कर वोटर आईडी कार्ड हासिल किया है। साथ ही नरैनी विधान सभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में वर्ष 2011 में छद्म नाम बाबू सिंह और पत्नी का छद्म नाम शिवकन्या देवी लिखा कर वोटर बने हैं। बबेरू क्षेत्र में अपना पता पखरौली गांव और नरैनी लिस्ट में अपना पता अतर्रा दिखाया है। सतर्कता अधिष्ठान निरीक्षक की तहरीर पर दोनों के विरुद्ध अपराध संख्या 109/17 धारा 419 आईपीसी व जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना सतर्कता अधिष्ठान करेगा।