फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Black fungus: fungal infection spread in mouth and in to the brain

ब्लैक फंगस: कोरोना विजेता पान मसाला से बनाएं दूरी, मुंह में घुसकर मस्तिष्क तक फैल जाता है फंगल संक्रमण

Fri, 21 May 2021 12:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 21 May 2021 12:16 PM IST
सार

ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा कोरोना से ठीक हुए मरीजों को है। जो रोगी मिल रहे हैं उनकी जांच से पता चला है कि संक्रमण मुंह से साइनस, आंखों और मस्तिष्क तक पहुंच रहा है।

विज्ञापन
Black fungus: fungal infection spread in mouth and in to the brain
ब्लैक फंगस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ब्लैक फंगस का संक्रमण मुंह से जल्दी फैलता है। जो रोगी मिल रहे हैं उनकी जांच से पता चला है कि संक्रमण मुंह से साइनस, आंखों और मस्तिष्क तक पहुंच रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि पान मसाला खाने वाले कोरोना विजेता खासतौर पर सतर्क रहें। इसकी वजह से मुंह की खाल कमजोर हो जाती है जिससे फंगस को घुसने में आसानी होती है।
विज्ञापन


इसके अलावा ऐसे कोविड रोगी जो पहले से पायरिया, मसूड़ों के संक्रमण, सब म्युकस फाइब्रोसिस, मुंह के छाले, ल्यूकोप्लेसिया (सफेद चकत्ता) चपेट में रहे हैं, वे भी मुंह की जांच करा लें। विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह में ब्लैक फंगस शुरुआत में जल्दी पकड़ में नहीं आता है। जब मसूड़ों में सूजन होती है तालू काला पड़ने लगता है तो रोगी को पता चलता है।
विज्ञापन


अगर लापरवाही कर दी तो संक्रमण साइनस की तरफ बढ़ जाता है। यहां की नलिकाओं से यह मस्तिष्क तक चला जाता है। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट के पूर्व दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंकित मेहरोत्रा और डॉ. अभिषेक दुबे ने बताया कि ब्लैक फंगस नाक की तुलना में मुंह से अधिक आसानी से घुस सकता है। अगर शुरुआत में ही जांच हो जाए तो रोगी को जटिलताएं भी नहीं होंगी और ठीक हो जाएगा। संक्रमण बढ़ने पर मुश्किलें बढ़ती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 

पान मसाला खाने वालों के मुंह के अंदर खाल कमजोर होती है, सब म्युकस फाइब्रोसिस भी हो जाता है, इससे ब्लैक फंगस का संक्रमण आसानी से होता है। अगर कोई दांतों का पुराना रोगी है और कोविड भी हो गया तो ब्लैक फंगस को लेकर संवेदनशील हो जाता है। शुरुआत में संक्रमण पकड़ में आने से इलाज हो जाता है। इसमें पैनिक की जरूरत नहीं।
डॉ. अंकित मेहरोत्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष दंत रोग, जेके कैंसर इंस्टीट्यूट


ये लोग हो सकते ब्लैक फंगस प्रभावित
- जो लोग कोरोना से ग्रसित रहे हों
- जो रोगी करीब महीने भर अस्पताल में भर्ती रहे हों
- जिनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो
- जिन्हें लंबे समय तक आक्सीजन दी गई हो

- दो चम्मच क्लोरहेक्सीडीन एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें
- आधा चम्मच खाने का सोडा एक गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला कर सकते हैं
- मसूड़ों में एंटी बैक्टीरियल मलहम लगाएं
- कोरोना रोगी एक बार दंत रोग विशेषज्ञ से जांच करा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed