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भाजपा विधायक बोलीं, बलात्कारियों को जेल भेजने के बजाय दौड़ा कर सीने में गोली मार दो
Fri, 06 Dec 2019 02:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 06 Dec 2019 02:54 AM IST
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भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव में दुष्कर्म पीड़ित को पेट्रोल डालकर जलाने के मामले में भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया ने सख्त नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ऐसे बलात्कारियों को जेल भेजने के बजाय गोली मार देनी चाहिए, जिससे कि कोई दूसरा ऐसा करने का दुस्साहस न कर सके।
इटावा के भरथना क्षेत्र की विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि उन्नाव में 2018 में दुष्कर्म किया गया था। युवकों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। ऐसे आरोपियों को जेल भेजने के बजाए गोली मार देनी चाहिए या फिर फांसी दे देनी चाहिए।
क्योंकि जमानत पर जेल से छूट कर आते ही पेट्रोल डालकर उस बेटी को आग लगा दी। वह 90 फीसदी तक चल चुकी है, वह खतरे में है। मैं महिला और एक विधायक होने के नाते उस बेटी व उसके परिवार का दर्द समझ सकती हूं। ऐसे दुष्कर्मियों के बारे में प्रशासन को भी सोचना चाहिए।
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प्रशासन को दौड़ाकर पैर में नहीं सीधे सीने में गोली मार देनी चाहिए, जिससे ऐसा दुस्साहस करने वालों में डर पैदा हो। वे सोचें कि दुष्कर्म करने पर या मार दिए जाएंगे या फिर फांसी हो जाएगी। बहन, बेटी सबकी बराबर है। हैदराबाद में डॉक्टर के साथ हुई घटना या उन्नाव घटना पर प्रदर्शन के बजाए लोगों को ऐसे लोगों के खिलाफ जागरूक और मुखर होना चाहिए।
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इटावा के भरथना क्षेत्र की विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि उन्नाव में 2018 में दुष्कर्म किया गया था। युवकों को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। ऐसे आरोपियों को जेल भेजने के बजाए गोली मार देनी चाहिए या फिर फांसी दे देनी चाहिए।
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क्योंकि जमानत पर जेल से छूट कर आते ही पेट्रोल डालकर उस बेटी को आग लगा दी। वह 90 फीसदी तक चल चुकी है, वह खतरे में है। मैं महिला और एक विधायक होने के नाते उस बेटी व उसके परिवार का दर्द समझ सकती हूं। ऐसे दुष्कर्मियों के बारे में प्रशासन को भी सोचना चाहिए।
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प्रशासन को दौड़ाकर पैर में नहीं सीधे सीने में गोली मार देनी चाहिए, जिससे ऐसा दुस्साहस करने वालों में डर पैदा हो। वे सोचें कि दुष्कर्म करने पर या मार दिए जाएंगे या फिर फांसी हो जाएगी। बहन, बेटी सबकी बराबर है। हैदराबाद में डॉक्टर के साथ हुई घटना या उन्नाव घटना पर प्रदर्शन के बजाए लोगों को ऐसे लोगों के खिलाफ जागरूक और मुखर होना चाहिए।