{"_id":"0df35b81deffbbbe6eda87c447e7bcc5","slug":"bjp-leaders-fight-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेताओं में मारपीट दो को पद से हटाया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेताओं में मारपीट दो को पद से हटाया गया
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 05 May 2015 02:25 AM IST
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भाजपा की क्षेत्रीय इकाई कार्यालय में सोमवार को पदाधिकारियों के बीच जमकर मारपीट और गाली गलौज हुआ। इसके बाद पार्टी के दो पदाधिकारियों को उनके पद से हटा दिया गया। इससे पार्टी के अंदर काफी हंगामा मचा है। क्षेत्रीय इकाई के संगठन मंत्री का मामला होने की वजह से पदाधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
सोमवार को दिन में पार्टी के सामाजिक न्याय मोर्चा उपाध्यक्ष पवन सविता, जिला इकाई कार्य समिति के सदस्य अजय वर्मा के साथ क्षेत्रीय कार्यालय गए थे। वह वहां पर अपनी जिप्सी गाड़ी से गए थे। जब वे वहां से आने लगे तो उन्होंने अपनी जिप्सी वहां खड़ी क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव की डस्टर गाड़ी के बगल से निकाली।
इस बीच डस्टर में बैठे ड्राइवर को शंका हुई कि उसकी गाड़ी में जिप्सी से टक्कर लग गई है। ड्राइवर बिना अपनी गाड़ी चेक किए उन दोनों पदाधिकारियों से उलझ गया। मामला बढ़ गया तो शोरशराबा सुनकर क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश भी नीचे आ गए। आरोप है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्री बिना कुछ जाने समझे पवन सविता, अजय वर्मा को गाली देने लगे।
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इसके बाद मारपीट होने लगी। मोर्चा उपाध्यक्ष पवन का यहां तक कहना है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन्हें जाति सूचक शब्दों के साथ मां की भी गाली दी। जिससे वह बहुत आहत हैं। दिन में हुई मारपीट का यह मामला शाम तक प्रदेश इकाई तक पहुंच गया।
आखिरकार शाम करीब आठ बजे महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने दोनों युवा नेताओं पवन सविता और अजय वर्मा को उनके पद से हटाने का निर्देश जारी कर दिया। न तो क्षेत्रीय संगठन मंत्री के ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई न ही क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन पदाधिकारियों के प्रति कोई रहम दिखाया।
बताया जा रहा है कि ये दोनों युवक अब सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी के कानपुर आने का इंतजार कर रहे हैं। जिससे उनके पास जाकर अपनी शिकायत सुना सकें। इस बारे में पवन सविता ने कहा न तो उन्होंने क्षेत्रीय संगठन मंत्री की गाड़ी में कोई टक्कर लगी, न ही उन्होंने कुछ कहा।
लेकिन क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन्हें जाति सूचक गाली दी। वहीं क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव का कहना हे कि गाड़ी में कोई नुकसान नहीं हुआ है। हमने कोई गाली नहीं दी। ड्राइवर और दूसरे कार्यकर्ता युवा हैं।
इसलिए उनके बीच जोश में कहा सुनी हो गई। मैं तो आफिस में बैठा था, जैसे ही इसकी जानकारी मिली। मैंने नीचे आकर इन सभी को हटाया। बाकी जो भी मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत हैं।
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सोमवार को दिन में पार्टी के सामाजिक न्याय मोर्चा उपाध्यक्ष पवन सविता, जिला इकाई कार्य समिति के सदस्य अजय वर्मा के साथ क्षेत्रीय कार्यालय गए थे। वह वहां पर अपनी जिप्सी गाड़ी से गए थे। जब वे वहां से आने लगे तो उन्होंने अपनी जिप्सी वहां खड़ी क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव की डस्टर गाड़ी के बगल से निकाली।
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इस बीच डस्टर में बैठे ड्राइवर को शंका हुई कि उसकी गाड़ी में जिप्सी से टक्कर लग गई है। ड्राइवर बिना अपनी गाड़ी चेक किए उन दोनों पदाधिकारियों से उलझ गया। मामला बढ़ गया तो शोरशराबा सुनकर क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश भी नीचे आ गए। आरोप है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्री बिना कुछ जाने समझे पवन सविता, अजय वर्मा को गाली देने लगे।
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इसके बाद मारपीट होने लगी। मोर्चा उपाध्यक्ष पवन का यहां तक कहना है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन्हें जाति सूचक शब्दों के साथ मां की भी गाली दी। जिससे वह बहुत आहत हैं। दिन में हुई मारपीट का यह मामला शाम तक प्रदेश इकाई तक पहुंच गया।
आखिरकार शाम करीब आठ बजे महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने दोनों युवा नेताओं पवन सविता और अजय वर्मा को उनके पद से हटाने का निर्देश जारी कर दिया। न तो क्षेत्रीय संगठन मंत्री के ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई न ही क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन पदाधिकारियों के प्रति कोई रहम दिखाया।
बताया जा रहा है कि ये दोनों युवक अब सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी के कानपुर आने का इंतजार कर रहे हैं। जिससे उनके पास जाकर अपनी शिकायत सुना सकें। इस बारे में पवन सविता ने कहा न तो उन्होंने क्षेत्रीय संगठन मंत्री की गाड़ी में कोई टक्कर लगी, न ही उन्होंने कुछ कहा।
लेकिन क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने उन्हें जाति सूचक गाली दी। वहीं क्षेत्रीय संगठन मंत्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव का कहना हे कि गाड़ी में कोई नुकसान नहीं हुआ है। हमने कोई गाली नहीं दी। ड्राइवर और दूसरे कार्यकर्ता युवा हैं।
इसलिए उनके बीच जोश में कहा सुनी हो गई। मैं तो आफिस में बैठा था, जैसे ही इसकी जानकारी मिली। मैंने नीचे आकर इन सभी को हटाया। बाकी जो भी मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत हैं।