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बिल्हौर में दिखीं गैंगेज डाॅल्फिन
अमर उजाला ब्यूरो, बिल्हौर
Updated Thu, 08 Oct 2015 01:33 AM IST
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वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ टीम की ओर से बिल्हौर क्षेत्र में गंगा नदी में चलाए गए सर्च आपरेशन में तीन गैंगेज डॉल्फिन दिखीं। मोहद्दीनपुर घाट से लेकर खेरेश्वर घाट तक डॉल्फिन की आमद देखी गई।
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विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा नदी में इतनी बड़ी संख्या में जलीय जीवों का पाया जाना जलीय वातावरण के लिए अच्छे संकेत हैं। बिल्हौर सर्किल के क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक कुमार की अगुवाई में मंगलवार की देरशाम से गंगा में एक सर्च अभियान चलाया गया। पीएसी जल पुलिस के अलावा वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि गंगा में सात से आठ फीट पानी है। टीम को मोहद्दीनपुर घाट के आगे शांत जल में एक डॉल्फिन दिखाई दी। थोड़ा आगे बढ़ने पर बड़ी मात्रा में बड़े कछुए दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें शिवराजपुर के खेरेश्वर गंगा घाट के पास एक साथ दो डॉल्फिन पानी से बाहर उछलती हुई दिखाई दीं।
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थोड़ा और आगे छोटी-छोटी विविध प्रजातियों की मछलियों के स्थान दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि वन विभाग सभी जलीय जीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शासन को डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण व जल पर्यटन को बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार कर भेजी है।
जल संसाधन मंत्रालय के सचिव का दौरा टला
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव शशिशेखर का 8 अक्तूबर को प्रस्तावित दौरा टल गया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करना था।
उनके सामने प्लांट के उच्चीकरण के लिए सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई की ओर से तैयार किए गए 25 एमएलडी प्लांट के डीपीआर का प्रस्तुतिकरण भी होना था। इसमें टेनरी वेस्ट का निस्तारण होना है।
अभी नौ एमएलडी टेनरी वेस्ट का ही निस्तारण हो पाता है। शेष नालों, गंगा आदि में जाता है। बुधवार को तैयारियों में जुटे अफसरों को दौरा टलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली।