बिकरू कांड: विकास दुबे के भांजे पर लगा एनएसए, सेमी ऑटोमैटिक गन से बरसाई थीं गोलियां
गैंगस्टर विकास दुबे के भांजे पर भी एनएसए लगाया गया है। इस वारदात में भांजे शिव तिवारी की मुख्य भूमिका थी। बिकरू कांड के छह आरोपियों पर अब तक एनएसए लग चुका है।
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कानपुर के बिकरू कांड में शामिल विकास दुबे के भांजे शिव तिवारी उर्फ आशुतोष पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाया गया। कुछ समय पहले ही पुलिस ने एनएसए की संतुति कर फाइल डीएम को भेजी थी। गुरुवार को डीएम ने फाइल पर मुहर लगा दी। बिकरू कांड में अब तक छह आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जा चुकी है।
बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की रात पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी। विकास व उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ व एसओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। विकास दुबे समेत छह बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। चार महिलाओं समेत 44 आरोपी जेल में बंद है।
एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि जेल में बंद आरोपियों में शिव तिवारी भी शामिल है। उस पर एनएसए लगाया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि वारदात ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। शिव तिवारी का इलाके में खौफ है। आज भी लोग दहशत में है। अगर वह जेल से छूटा तो फिर से ऐसी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसी आधार पर एनएसए लगाने की संतुति की थी।
वारदात में थी मुख्य भूमिका
वारदात में दो सेमी ऑटोमैटिक राइफल का इस्तेमाल किया गया था। एक विकास के पास थी। जो उसके भाई दीपक दुबे के नाम पर थी। वहीं दूसरी राइफल शिव तिवारी की थी। इससे एक बार में तीस राउंड फायर होता है। जिन पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी, उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि गोलियां इन्हीं राइफलों से मारी गई थी। विकास के साथ शिव की भूमिका वारदात में मुख्य थी।
अब तक इन पर लगा चुका है एनएसए
पुलिस ने सबसे पहले आरोपी शिवम दलाल पर एनएसए लगाया था। उसके बाद जय बाजपेई, रमेश चंद्र, प्रशांत, बल्लू मुसलमान एनएसए लगाया। वहीं अब शिव तिवारी पर इसी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।