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बिकरु कांड: तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी पर लगे आरोपों पर हुई बहस, अब सुनवाई आठ को

Sat, 04 Jun 2022 01:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 01:54 AM IST
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Bikru scandal: Debate on the allegations against then Chaubepur SO Vinay Tiwari, now hearing on eight
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मामले में आरोपी तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की तरफ से दिए गए निर्दोष होने के प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को एंटी डकैती कोर्ट में सुनवाई हुई।
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इस दौरान अभियोजन ने बचाव पक्ष की दलीलों का इसका विरोध कहते हुए कहा कि बर्खास्त एसओ विनय तिवारी ने बर्खास्त एसआई केके शर्मा से दबिश की सूचना गैंगस्टर विकास दुबे तक भेजी थी। विकास दुबे को दबिश की सूचना देने के पर्याप्त सबूत कोर्ट में हैं। अब इस मामले की सुनवाई आठ जून को होगी।
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दो जुलाई 2020 को बिकरू कांड के बाद आरोपी बनाए गए कई आरोपियों ने अपने को निर्दोष बताते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है।
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शुक्रवार को थाना चौबेपुर के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी की तरफ से दिए गए निर्दोष होने के प्रार्थना पत्र पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता मिथलेश कुमार द्विवेदी ने अदालत को बताया कि आरोपी निर्दोष है। घटना के वक्त विनय तिवारी दबिश वाली टीम में मौजूद था।
उसने मुठभेड़ पर फायरिंग भी की थी और घटना की रिपोर्ट थाना चौबेपुर में लिखाई थी। इस मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपी थानाध्यक्ष के पद पर नियुक्त होने के कारण दबिश की योजना से परिचित था।
उसने अपने पद का गलत प्रयोग कर दबिश की सूचना एसआई केके शर्मा से विकास दुबे को पहुंचवाई थी। इस कारण सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। पत्रावली में आरोप तय करने के पर्याप्त साक्ष्य हैं तथा आरोपी के प्रार्थना पत्र को निरस्त करने की मांग की।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में केके शर्मा व राजेंद्र मिश्रा की तरफ से भी पूर्व में निर्दोष होने का प्रार्थनापत्र दिया गया था। इस मामले बहस हो चुकी है। अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए आठ जून तिथि तय की है।

इधर, फर्जी सिम मामले में आरोपी बनाई गई विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के मामले की सुनवाई भी एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मुख्य मामले की सुनवाई होने के कारण रिचा दुबे के मामले की सुनवाई नहीं हो सकी है। इस मामले की सुनवाई भी आठ जून को होगी।
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