{"_id":"668ec08a00ffb1e99200dfb8","slug":"bikru-incident-prosecution-witnesses-said-statements-were-taken-two-months-after-the-incident-kanpur-news-c-220-1-sknp1003-114649-2024-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: अभियोजन गवाह बोले, घटना के दो माह बाद लिए गए बयान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: अभियोजन गवाह बोले, घटना के दो माह बाद लिए गए बयान
Wed, 10 Jul 2024 10:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 10 Jul 2024 10:40 PM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। बिकरू कांड मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बुधवार को मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह से बचाव पक्ष ने जिरह की। गवाह ने जिरह में बताया कि घटना के दो माह सात दिन बाद मेरा बयान लिया गया, साथ ही यह भी बताया कि इससे पहले मेरी विवेचक से मुलाकात हुई थी। अब अदालत मामले की सुनवाई कल करेगी।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बुधवार को मामले में अभियोजन पक्ष के तीसरे गवाह दरोगा सुधाकर पांडेय से आरोपी रामू बाजपेई, श्यामू बाजपेई, गोविंद सैनी व अखिलेश उर्फ छोटू की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। बचाव पक्ष के सवाल पर गवाह ने बताया कि उसके बयान 10 सितंबर 2020 को विवेचक द्वारा लिया गया था। साथ ही स्वीकार किया कि घटना के दो माह सात-आठ दिन बाद मेरा बयान लिया गया इससे पहले मेरी विवेचक से मुलाकात हुई थी। बचाव पक्ष ने गवाह से पूछा कि दबिश के दौरान अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए अलाउंस किया गया था कि नहीं, इसपर गवाह ने कहा कि मुझे याद नहीं आ रहा है कि अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए एनाउंस किया गया था कि नहीं। वहीं बचाव पक्ष ने बेला क्रॉसिंग रोड से शिवली रोड की दिशा व चौबेपुर की दिशा पूछी तो गवाह ने कहा कि दिशाभ्रम होने के कारण मैं नहीं बता सकता। वहीं यह भी बताया कि सभी टीमें शिवली बिकरू मार्ग से विकास दुबे के घर को गईं थीं। यह भी स्वीकार किया कि उससे आरोपी रामू बाजपेई की शिनाख्त विवेचक ने नहीं कराई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में सोलह आरोपियों संजय उर्फ संजू दुबे, क्षमा दुबे, बालगोविंद, शिवम दुबे उर्फ अजीत, विपुल दुबे, अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन, सुशील तिवारी उर्फ सोनू, केके शर्मा, उमाकांत उर्फ गुड्डन, राहुल पाल, उमाशंकर यादव उर्फ तनके, रामू बाजपेई, श्यामू बाजपेई, गोविंद सैनी, अखिलेश उर्फ छोटू व विनय तिवारी की ओर से जिरह पूरी की गई है। अन्य आरोपियों की ओर से जिरह के लिए बचाव पक्ष के अदालत उपस्थित न होने पर अदालत ने जिरह के लिए एक अवसर देते हुए मामले में सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बुधवार को मामले में अभियोजन पक्ष के तीसरे गवाह दरोगा सुधाकर पांडेय से आरोपी रामू बाजपेई, श्यामू बाजपेई, गोविंद सैनी व अखिलेश उर्फ छोटू की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जिरह की। बचाव पक्ष के सवाल पर गवाह ने बताया कि उसके बयान 10 सितंबर 2020 को विवेचक द्वारा लिया गया था। साथ ही स्वीकार किया कि घटना के दो माह सात-आठ दिन बाद मेरा बयान लिया गया इससे पहले मेरी विवेचक से मुलाकात हुई थी। बचाव पक्ष ने गवाह से पूछा कि दबिश के दौरान अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए अलाउंस किया गया था कि नहीं, इसपर गवाह ने कहा कि मुझे याद नहीं आ रहा है कि अभियुक्तों को सरेंडर करने के लिए एनाउंस किया गया था कि नहीं। वहीं बचाव पक्ष ने बेला क्रॉसिंग रोड से शिवली रोड की दिशा व चौबेपुर की दिशा पूछी तो गवाह ने कहा कि दिशाभ्रम होने के कारण मैं नहीं बता सकता। वहीं यह भी बताया कि सभी टीमें शिवली बिकरू मार्ग से विकास दुबे के घर को गईं थीं। यह भी स्वीकार किया कि उससे आरोपी रामू बाजपेई की शिनाख्त विवेचक ने नहीं कराई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में सोलह आरोपियों संजय उर्फ संजू दुबे, क्षमा दुबे, बालगोविंद, शिवम दुबे उर्फ अजीत, विपुल दुबे, अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन, सुशील तिवारी उर्फ सोनू, केके शर्मा, उमाकांत उर्फ गुड्डन, राहुल पाल, उमाशंकर यादव उर्फ तनके, रामू बाजपेई, श्यामू बाजपेई, गोविंद सैनी, अखिलेश उर्फ छोटू व विनय तिवारी की ओर से जिरह पूरी की गई है। अन्य आरोपियों की ओर से जिरह के लिए बचाव पक्ष के अदालत उपस्थित न होने पर अदालत ने जिरह के लिए एक अवसर देते हुए मामले में सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तिथि नियत की है।
विज्ञापन