बिकरू कांड: निलंबित हुए आईपीएस अनंत देव 23 महीने बाद बहाल, विभागीय जांच रहेगी जारी
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने पहुंची थी। विकास व उसके गुर्गों ने दबिश टीम पर हमला कर सीओ बिल्हौर व एसओ शिवराजपुर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। आईपीएस अनंत देव तिवारी को 23 महीने बाद रविवार को बहाल कर दिया गया।
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उसके पहले वह कानपुर नगर के कप्तान थे। बिकरू कांड के बाद शासन ने एसआईटी गठित की थी। जांच में करीब 60 पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी फंसे थे। इसमें कानपुर में कप्तान रहे आईपीएस अनंत देव भी शामिल थे। 12 नवंबर 2020 को शासन ने अनंत देव को निलंबित कर दिया था। वह लगभग दो साल निलंबित रहे। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी, हालांकि कोई प्राइम पोस्टिंग नहीं होगी।
मिले थे लापरवाही, मिलीभगत के सुबूत
एसआईटी ने अनंत देव के खिलाफ विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसमें उनकी लापरवाही, मिलभीगत के सुबूत थे। जिसके आधार पर उनको निलंबित किया गया था। एक विभागीय जांच लखनऊ आईजी रेंज ने भी की है। वर्तमान में भी लखनऊ के अफसर ही जांच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच अंतिम दौर में है। उसमें भी अनंत देव फंसते नजर आ रहे हैं।
यह है बिकरू कांड
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने पहुंची थी। विकास व उसके गुर्गों ने दबिश टीम पर हमला कर सीओ बिल्हौर व एसओ शिवराजपुर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस की कार्रवाई विकास समेत छह बदमाश एनकाउंटर में मारे गए थे। 44 आरोपी जेल में बंद हैं।