बिकरू कांड: एसआईटी ने शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की पूरी की जांच, सत्यापन में मिलीं खामियां
दो जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे व उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। विकास व उसके पांच साथी मुठभेड़ में मारे गए थे। मामले में खुलासा हुआ था कि विकास व अन्य अपराधियों के शस्त्र लाइसेंस भी हैं। जांच में पता चला कि विकास दुबे समेत करीब 200 शस्त्र लाइसेंस धारकों की पत्रावलियां गायब हैं।
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एसआईटी ने शस्त्र लाइसेंस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच में कुछ पत्रावलियां गायब मिलीं हैं तो कुछ लाइसेंस जारी करने में खामियां पाई गई हैं। शस्त्र लाइसेंस सत्यापन प्रक्रिया में भी गड़बड़ियां मिली हैं। ऐसे में पुलिस व प्रशासन के कई अफसर जांच की जद में आए हैं।
अब शासन इस मामले विभागीय कार्रवाई करेगा। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। दो जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे व उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। विकास व उसके पांच साथी मुठभेड़ में मारे गए थे। मामले में खुलासा हुआ था कि विकास व अन्य अपराधियों के शस्त्र लाइसेंस भी हैं।
जांच में पता चला कि विकास दुबे समेत करीब 200 शस्त्र लाइसेंस धारकों की पत्रावलियां गायब हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने आईपीएस देव रंजन वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने शहर के सभी 41 हजार 600 शस्त्र लाइसेंस फाइलों की जांच शुरू की। करीब दो साल तक जांच करने के बाद तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। कुछ समय पहले ही एसआईटी ने ये जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी है।
सत्यापन में हुई खानापूरी
तमाम ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारक मिले जिन पर आपराधिक मामले दर्ज थे। उनके लाइसेंस निरस्त नहीं किए गए बल्कि नवीनीकरण भी किया गया। यही वजह है कि बिकरू कांड के गुनहगारों के पास भी लाइसेंसी हथियार उपलब्ध थे। जिनसे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाईं थीं। कुछ पत्रावलियों के सत्यापन में बड़ा खेल सामने आया। नियमानुसार सभी लाइसेंस पर डीएम, एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अफसरों के हस्ताक्षर हाते हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने पाया कि कुछ पत्रावलियों पर अफसरों के हस्ताक्षर हुए बगैर ही लाइसेंस जारी किए गए। जारी करने वाले अफसर इसमें फंसते दिख रहे हैं। इसी तरह की कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।