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बिकरू कांड: जेल में बंद निलंबित एसओ और दरोगा के बयान दर्ज, बर्खास्तगी की लटकी तलवार 

Thu, 09 Dec 2021 11:22 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 09 Dec 2021 11:22 AM IST
सार

दो जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे व उसके साथियों ने डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया था। पुलिस ने विकास समेत छह बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था। करीब पचास आरोपी जेल में बंद हैं। जेल में बंद आरोपियों में तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व हलका इंचार्ज दरोगा केके शर्मा भी शामिल हैं।
 

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Bikru case: Recorded statements of suspended SO and Inspector in jail
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिकरू कांड के आरोपी तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा के आखिरकार विभागीय जांच के तहत बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पिछले एक साल से जांच अधिकारी उनके बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेज रहे थे लेकिन आरोपी इनकार कर रहे थे।
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अब बयान दर्ज होने की पुष्टि एडीजी जोन ने की है। जल्द से जल्द विभागीय जांच पूरी कर आरोपियों को विभागीय दंड मिलेगा। दोनों पर बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। दो जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे व उसके साथियों ने डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया था।
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पुलिस ने विकास समेत छह बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था। करीब पचास आरोपी जेल में बंद हैं। जेल में बंद आरोपियों में तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व हलका इंचार्ज दरोगा केके शर्मा भी शामिल हैं।
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दोनों पर साजिश में शामिल होने व मुखबिरी करने का आरोप है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हुई थी। मगर दोनों पुलिसकर्मी बयान दर्ज नहीं करवा रहे थे। जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। एडीजी जोन भानु भास्कर ने बताया कि आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

तमाम साक्ष्य पहले ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के तहत जुटाए जा चुके थे। सूत्रों के मुताबिक दोनों को जांच में दोषी ठहराया गया है। जल्द ही विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों को दंडित किया जाएगा। 

खुद को बताया निर्दोष, कई सवालों के नहीं दे सके जवाब
बयानों में आरोपी पुलिसकर्मियों ने उस रात हुई पूरी घटना बताई। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि न तो विकास दुबे को उन्होंने शह दी थी न ही कोई मिलीभगत थी। न ही दबिश की सूचना दी थी। हालांकि जब जांच अधिकारी ने केके शर्मा से पूछा कि वारदात के तीन घंटे बाद तक विकास के गुर्गे राम सिंह यादव से फोन पर क्या-क्या बात हुई थी। इस पर वह चुप्पी साध गया। बातचीत के प्रमाण पुलिस के पास हैं।
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