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बिकरू कांड : दरोगा के निर्दोष होने के प्रार्थना पत्र पर अभियोजन की आपत्ति
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कानपुर देहात। बिकरू कांड में आरोपी चौबेपुर थाने में तैनात रहे दरोगा केके शर्मा की ओर से खुद के निर्दोष होने का पक्ष रखते हुए प्रार्थना पत्र दाखिल गया था। इस पर बुधवार को अभियोजन की तरफ से आपत्ति दाखिल की गई है। वहीं अन्य आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। अब सुनवाई की अगली तिथि 15 मार्च तय की गई है।
दो जुलाई 2020 को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। पुलिस ने चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज दरोगा केके शर्मा पर भी आरोप पत्र दाखिल किया है।
दस जनवरी को सुनवाई के दौरान दरोगा केके शर्मा के अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने आरोपी के निर्दोष होने से संबंधित प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। साथ ही तर्क रखा था कि चौबेपुर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार व राजीव कुमार के बयानों के आधार पर दरोगा केके शर्मा को आरोपी बनाया गया है।
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सिपाहियों ने दरोगा केके शर्मा के विकास दुबे से संबंध होने का बयान दिया था, जबकि ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वहीं घटना के समय दरोगा केके शर्मा ड्यूटी से वापस आकर आराम कर रहा था। तभी मुंशी की तरफ से फोन पर बताया गया कि उसके हल्के में गोलियां चल रही हैं।
वहीं, बुधवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की है। मामले में जेल में बंद सभी आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई गई। अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने बताया कि अब 15 मार्च को सुनवाई होगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई खुशी की पेशी
कानपुर देहात। बिकरू कांड से संबंधित मुख्य मामले में सह आरोपी खुशी की सुनवाई एडीजे 13 पाक्सो कोर्ट में हुई। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उसकी पेशी कराई गई। उसकी पत्रावली आरोप निर्धारण पर लगी है। मामले में कोर्ट ने 14 मार्च की तिथि तय की है। (संवाद)
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दो जुलाई 2020 को बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। पुलिस ने चौबेपुर थाने के तत्कालीन एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज दरोगा केके शर्मा पर भी आरोप पत्र दाखिल किया है।
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दस जनवरी को सुनवाई के दौरान दरोगा केके शर्मा के अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने आरोपी के निर्दोष होने से संबंधित प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। साथ ही तर्क रखा था कि चौबेपुर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार व राजीव कुमार के बयानों के आधार पर दरोगा केके शर्मा को आरोपी बनाया गया है।
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सिपाहियों ने दरोगा केके शर्मा के विकास दुबे से संबंध होने का बयान दिया था, जबकि ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वहीं घटना के समय दरोगा केके शर्मा ड्यूटी से वापस आकर आराम कर रहा था। तभी मुंशी की तरफ से फोन पर बताया गया कि उसके हल्के में गोलियां चल रही हैं।
वहीं, बुधवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन ने बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की है। मामले में जेल में बंद सभी आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई गई। अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने बताया कि अब 15 मार्च को सुनवाई होगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई खुशी की पेशी
कानपुर देहात। बिकरू कांड से संबंधित मुख्य मामले में सह आरोपी खुशी की सुनवाई एडीजे 13 पाक्सो कोर्ट में हुई। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उसकी पेशी कराई गई। उसकी पत्रावली आरोप निर्धारण पर लगी है। मामले में कोर्ट ने 14 मार्च की तिथि तय की है। (संवाद)