बिकरु कांड: खुशी के जमानत प्रपत्रों के अपूर्ण सत्यापन रिपोर्ट भेजने पर सब रजिस्ट्रार को नोटिस जारी
खुशी दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम के उपयोग करने के मामले में बचाव पक्ष ने शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने दोनों जमानती पेश कर दिए। इसके बाद बोर्ड ने खुशी की रिहाई का परवाना माती जिला कारागार भेज दिया, लेकिन मुख्य मामले में जमानत प्रपत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शुक्रवार को खुशी की रिहाई नहीं हो सकी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिकरू कांड की आरोपी खुशी के जमानत के प्रपत्र की शुक्रवार को रजिस्ट्रार कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट अपूर्ण आने पर अदालत ने सब रजिस्ट्रार जोन-चार को नोटिस जारी कर 23 जनवरी को स्पष्ट आख्या के साथ तलब किया है। चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी।
घटना में बिल्हौर सर्किल के तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती के मुख्य मामले के साथ ही फर्जी दस्तावेज लगा सिम लेने का मामला दर्ज किया था।
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी खुशी की जमानत मंजूर की थी। बचाव पक्ष ने जमानत आदेश के साथ ही जमानत के प्रपत्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 पॉक्सो शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में दाखिल दखिल किए थे। अदालत से जमानत प्रपत्रों को रजिस्टर्ड डाक से पनकी व नौबस्ता थाने में भेजा गया था।
वहीं, जमानती की मलियत तस्दीक करने के लिए यूको बैंक शाखा आर्मापुर व रजिस्ट्रार कार्यालय कानपुर नगर को भेजा गया था। बैंक के साथ ही नौबस्ता व पनकी थाना से जमानत सत्यापन रिपोर्ट अदालत में आ चुकी है। रजिस्ट्रार कार्यालय से सत्यापन रिपोर्ट आना शेष था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि शुक्रवार को सब रजिस्ट्रार जोन-चार कार्यालय से जो सत्यापन रिपोर्ट आई है वह अपूर्ण है। रिपोर्ट में रजिस्ट्री की तस्दीक की है, लेकिन मालियत स्पष्ट नहीं की गई है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करते हुए सब रजिस्ट्रार को 23 जनवरी को अदालत में स्पष्ट आख्या के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
किशोर न्याय बोर्ड से भेजा गया खुशी की रिहाई परवाना
खुशी दुबे पर दूसरे की आईडी से लिए गए सिम के उपयोग करने के मामले में बचाव पक्ष ने शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने दोनों जमानती पेश कर दिए। इसके बाद बोर्ड ने खुशी की रिहाई का परवाना माती जिला कारागार भेज दिया, लेकिन मुख्य मामले में जमानत प्रपत्रों के सत्यापन की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शुक्रवार को खुशी की रिहाई नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत ने बताया कि दोनों जमानती की तस्दीक करते हुए बोर्ड से खुशी का रिहाई परवाना जेल भेज दिया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर करीब 3:20 बजे माती जेल में खुशी से मुलाकात की। इस दौरान उसका हालचाल लेने के साथ ही अदालत की कार्यवाही के बारे में खुशी को बताया। खुशी ने रोते हुए आभार व्यक्त किया।