कुछ ऐसा हाल है उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बस अड्डे का, बदहाली चरम पर
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उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के झकरकटी बस अड्डा को सुधारने के लिए इसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत संवारने का निर्णय करीब एक साल पहले लिया था। यहां पर टीन शेड लगाकर प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है लेकिन साल भर बीतने के बाद भी इस पर कोई अमल नहीं हो सका है। यूपी के सबसे बड़े बस अड्डे की दुर्दशा का हाल यह है कि बस अड्डे में घुसते ही ऊबड़-खाबड़ खड़ंजे के बड़े-बड़े गड्ढों से बस गुजरती है तो यात्री हिचकोले खाते रहते हैं। कभी-कभी गेट से यात्री गिरकर घायल भी हो जाते हैं।
यात्री बोले
फतेहपुर जाने वाले यात्री रुद्र प्रसाद ने बताया कि दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। चुनाव की वजह से जल्दी बसें नहीं मिल रही हैं। गर्मी में साफ पानी तक की व्यवस्था नहीं है। टीन शेड न होने की वजह से धूप में खड़े होकर बस का इंतजार करना मजबूरी है।
गोरखपुर जाने वाले प्रशांत ने बताया कि पानी न मिलने से लोग यहां खराब क्वालिटी का पानी बेच रहे हैं। आसपास हैंडपंप भी नहीं हैं। इसलिए लोग प्यास बुझाने के लिए यहां मजबूरी में पानी खरीदते हैं।
बस अड्डे के पुनरुद्धार की योजना शासन ने मंजूर की है। इससे यहां की हालत काफी सुधरेगी। अभी बस अड्डे के खड़ंजे पर हुए गड्ढों को भराया जा चुका है। तालाब किनारे होने की वजह से यह दिक्कत होती है। टीन शेड लगाने का प्रस्ताव नई योजना में शामिल है।
- राजीव कटियार, एआरएम, झकरकटी बस अड्डा