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कानपुर रामोत्सव: साध्वी ऋतंभरा बोलीं- पैदा करें चार बच्चे, दो संघ और दो विहिप को दें, भैयाजी जोशी और रामविलास वेदांती ने कही ये बात

Mon, 18 Apr 2022 08:36 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 18 Apr 2022 08:36 PM IST
सार

विहिप द्वारा आयोजित रामोत्सव कार्यक्रम में श्रीराम के छह हजार स्वरूपों ने सबको आकर्षित किया। साथ ही, यह आयोजन मुख्य और विशिष्ट अतिथियों के संबोधन के कारण भी चर्चा में रहा।

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Big statements of Sadhvi Ritambhara, Bhaiyaji Joshi and Dr. Ramvilas Vedanti in Kanpur Ramotsav
रामोत्सव कार्यक्रम में मंच पर बैठे अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में रविवार को विश्व हिंदू परिषद,विहिप का अनूठा रामोत्सव आयोजित हुआ। यह आयोजन हजारों युवा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और सबसे बड़े पुष्पक विमान के लिए पसंद किया गया। तो वहीं, कार्यक्रम में पहुंचे विशिष्ट अतिथियों के संबोधन और बयानों के कारण भी चर्चा में रहा। बता दें कि विहिप के इस कार्यक्रम में साध्वी ऋतंभरा, भैयाजी जोशी, डॉ. रामविलास वेदांती जैसे दिग्गज शामिल हुए थे। अतिथियों ने रामोत्सव में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की वेशभूषा में आए छह हजार से अधिक बच्चों और युवाओं को संबोधित किया।

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गांव-गांव और घर-घर में राम की आवश्यकता
डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद कानपुर में ऐसा दृश्य देखने को मिला है, जिसमें रामराज्य और हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना साकार होती दिख रही है। जब दुनिया में एक रावण था, तब उसे मारने के लिए अयोध्या के राम ने अपना पराक्रम दिखाया था। अब क्योंकि रावणों की संख्या ज्यादा हो गई है, ऐसे में उनका नाश करने के लिए गांव-गांव और घर-घर से राम की आवश्यकता है। त्रेता युग में भी आतंकवाद को राम ने ही समाप्त किया था।

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कलियुग में भी आतंकवादियों का समूल नाश करने के लिए राम ही समर्थ हैं। आजादी के 70 वर्षों में कांग्रेस ने रामराज्य की अवधारणा पर कभी काम नहीं किया। पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्रर, राजस्थान जैसे राज्यों में रामनवमी पर शोभायात्रा और आयोजनों पर पत्थर फेंके गए। जिस तरह से यहां पर हजारों राम के स्वरूप दिख रहे हैं, उसी तरह 2023 में जब राम मंदिर का प्रथम तल तैयार हो जाएगा, तब भी लाखों राम के स्वरूप अयोध्या में नजर आएंगे।

चार बच्चे पैदा करें, दो बच्चे संघ दो विहिप को दें
कार्यक्रम की प्रमुख वक्ता साध्वी ऋतंभरा ने रामराज्य को लेकर विहिप की मुहिम को आगे ले जाने की दिशा में सभी को प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सियासत ने हिंदू समाज को टुकड़ों में बांटा है। यदि वाल्मीकि न होते तो रामायण कैसी लिखी जाती और यदि शबरी नहीं होतीं, तो राम को बेर कौन खिलाता। समाज को बांटने की चेष्टा करने वालों को धूल में मिलाकर ही रहेंगे। उन्होंने लोगों से कहा कि चार बच्चे पैदा करें। दो आरएसएस को और दो बच्चे विश्व हिंदू परिषद व बजरंगदल को सौंपें। ये बच्चे आगे चलकर हिंदू राष्ट्र निर्माण की कड़ी में अपना योगदान देंगे।

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दलित, पिछड़ा और सामान्य को एक सा ढालने के एजेंडे पर काम कर रहा विहिप

आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी और विहिप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे ने भी स्पष्ट किया कि अब हर व्यक्ति की पहचान हिंदू से होनी चाहिए। संघ और विहिप लंबे समय से जातियों की इस खाई को खत्म कर सिर्फ हिंदू की जिस भावना को जगाने में जुटे हैं, उस दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। निराला नगर में जिस समय बड़ी संख्या में राम के स्वरूप में बच्चे और युवा वहां पहुंच रहे थे, तब उनके साथ उस समाज के लोग भी नेतृत्व करते हुए आए। आने वाले समय में हिंदू राष्ट्र की भावना लोगों में जागृत करने के लिए प्रांत और जिलावार कार्यक्रम भी आयोजित करने की योजना है।

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