{"_id":"5ff370818ebc3e3c531073e0","slug":"big-relief-to-companies-providing-new-jobs-government-will-submit-pf","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए रोजगार देने वाली कंपनियों को बड़ी राहत, सरकार जमा करेगी पीएफ, आपके काम की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए रोजगार देने वाली कंपनियों को बड़ी राहत, सरकार जमा करेगी पीएफ, आपके काम की खबर
Tue, 05 Jan 2021 01:41 AM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 05 Jan 2021 01:41 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के चलते अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाले और नए रोजगार देने में हिचक रहे नियोक्ताओं को सरकार ने बड़ी राहत दी है। नियोक्ता अपने कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखते हैं या नए लोगों को रोजगार देते हैं तो सरकार दो साल तक का पूरा पीएफ खुद जमा करेगी।
नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा (12-12 प्रतिशत) सरकार वहन करेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की है। इस संबंध में 31 दिसंबर को ईपीएफओ की ओर से सभी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं।
इसमें बताया गया है कि ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 15 हजार से कम है और उनके पास यूएएन (यूनिवर्सल एकाउंट नंबर) है, उन्हीं को योजना का लाभ मिलेगा। कोरोना काल में एक मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच जिनकी नौकरी गई है, नियोक्ता अगर वापस उन्हें नौकरी पर रखते हैं तो उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
इसी तरह 10 अक्तूबर 2020 से 30 जून 2021 तक नए रोजगार देने वाली नियोक्ता कंपनियां भी योजना का लाभ ले सकती हैं। सरकार 30 जून 2023 तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के पीएफ का हिस्सा खुद जमा करेगी। बता दें विभाग में पंजीकृत नियोक्ता की ओर से हर महीने 12 फीसदी पीएफ जमा किया जाता है।
इतना ही हिस्सा कर्मचारी का कटता है। ऑल इंडिया ईपीएफ स्टाफ फेडरेशन के पूर्व सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि इस नई योजना से नियोक्ता पर से दो साल तक पीएफ जमा करने का भार खत्म हो जाएगा। इस स्कीम के तहत पंजीकरण कराने वाले नियोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना से नए रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे।
विज्ञापन
नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा (12-12 प्रतिशत) सरकार वहन करेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की है। इस संबंध में 31 दिसंबर को ईपीएफओ की ओर से सभी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालयों को निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
इसमें बताया गया है कि ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 15 हजार से कम है और उनके पास यूएएन (यूनिवर्सल एकाउंट नंबर) है, उन्हीं को योजना का लाभ मिलेगा। कोरोना काल में एक मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच जिनकी नौकरी गई है, नियोक्ता अगर वापस उन्हें नौकरी पर रखते हैं तो उन्हें योजना का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
इसी तरह 10 अक्तूबर 2020 से 30 जून 2021 तक नए रोजगार देने वाली नियोक्ता कंपनियां भी योजना का लाभ ले सकती हैं। सरकार 30 जून 2023 तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के पीएफ का हिस्सा खुद जमा करेगी। बता दें विभाग में पंजीकृत नियोक्ता की ओर से हर महीने 12 फीसदी पीएफ जमा किया जाता है।
इतना ही हिस्सा कर्मचारी का कटता है। ऑल इंडिया ईपीएफ स्टाफ फेडरेशन के पूर्व सलाहकार राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि इस नई योजना से नियोक्ता पर से दो साल तक पीएफ जमा करने का भार खत्म हो जाएगा। इस स्कीम के तहत पंजीकरण कराने वाले नियोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना से नए रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे।