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राजा-रानी बनने को लेकर शुरु हुआ था बवाल फिर हुई भीम आर्मी की एंट्री, गांव में घूम-घूम कर काटा हंगामा
Fri, 17 May 2019 07:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 17 May 2019 07:25 PM IST
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हंगामे के बाद मौके पर डीएम एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
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महोबा के थाना महोबकंठ के ग्राम दिदवारा में मंदिर के पास अनुसूचित जाति के एक ग्रामीण के रखे ईंटें लेने पहुंचे ट्रैक्टर को पटेल समुदाय के लोगों ने लौटा दिया। इसका विरोध करने पर पटेल समुदाय के लोगों ने अनुसूचित वर्ग के लोगों ने लाठी डंडों से पिटाई कर अधमरा कर दिया। इससे नाराज भीम आर्मी ने गांव पहुंचकर नारेबाजी कर जमकर हंगामा काटा।
उधर, पटेल समुदाय भी एकजुट हो गया। मामले की स्थिति को भांपते हुए थानाध्यक्ष ने जिलेभर की फोर्स बुला ली। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। भीम आर्मी मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी है। रामजानकी मंदिर में यज्ञ कराने के लिए दस दिन पहले ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई थी।
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उधर, पटेल समुदाय भी एकजुट हो गया। मामले की स्थिति को भांपते हुए थानाध्यक्ष ने जिलेभर की फोर्स बुला ली। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। भीम आर्मी मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी है। रामजानकी मंदिर में यज्ञ कराने के लिए दस दिन पहले ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई थी।
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पटेल समाज ने राजकुमार और उसकी पत्नी को राजा-रानी बनने पर विरोध किया था
बैठक में मुख्य यजमान बनने के लिए राजकुमार अहिरवार ने सबसे अधिक बोली लगाई। यह बात पटेल समुदाय को नागवार गुजरी और पटेल समाज ने राजकुमार और उसकी पत्नी को राजा-रानी बनने पर विरोध किया। इतना ही नहीं इस साल अनुसूूचित वर्ग के लोगों से यज्ञ के लिए चंदा भी नहीं लिया गया और न ही उन्हें यज्ञ में बुलाया गया।
इससे अनुसूचित वर्ग और पटेल समुदाय के बीच अनबन हो गई। यह यज्ञ हर साल गर्मियों में कराया जाता है। 9 मई से शुरू हुआ यज्ञ 15 मई को समाप्त हो गया। यज्ञ समाप्त होने के बाद रामजानकी मंदिर के पास लखन अहिरवार के रखे ईंटें लेने के लिए उसने ट्रैक्टर भेजा लेकिन पटेल समाज ने उसका ट्रैक्टर लौटा दिया। ट्रैक्टर लौटाने का विरोध करने पर पटेल समुदाय के लोगों ने लखन अहिरवार की पिटाई कर दी।
इससे नाराज लखन अहिरवार ने भीम आर्मी को बुला लिया। भीम आर्मी के लोगों ने गांव में नारेबाजी कर जमकर हंगामा काटा। उधर पटेल समुदाय भी एकजुट होने लगा। हालात बिगड़ते देख मौके पर जिलाधिकारी सहदेव, पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। अफसरों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
इससे अनुसूचित वर्ग और पटेल समुदाय के बीच अनबन हो गई। यह यज्ञ हर साल गर्मियों में कराया जाता है। 9 मई से शुरू हुआ यज्ञ 15 मई को समाप्त हो गया। यज्ञ समाप्त होने के बाद रामजानकी मंदिर के पास लखन अहिरवार के रखे ईंटें लेने के लिए उसने ट्रैक्टर भेजा लेकिन पटेल समाज ने उसका ट्रैक्टर लौटा दिया। ट्रैक्टर लौटाने का विरोध करने पर पटेल समुदाय के लोगों ने लखन अहिरवार की पिटाई कर दी।
इससे नाराज लखन अहिरवार ने भीम आर्मी को बुला लिया। भीम आर्मी के लोगों ने गांव में नारेबाजी कर जमकर हंगामा काटा। उधर पटेल समुदाय भी एकजुट होने लगा। हालात बिगड़ते देख मौके पर जिलाधिकारी सहदेव, पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। अफसरों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।