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बेहमई कांड के एक और आरोपी भीखा की मौत, अब 13 दिसंबर को होगी मामले की सुनवाई
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कानपुर देहात। माती स्थित एंटी डकैती कोर्ट में बुधवार को बेहमई कांड की सुनवाई हुई। इसमें बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी भीखा की मौत होने का प्रार्थना पत्र कोर्ट को दिया। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की तिथि अब 13 दिसंबर तय की है।
14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 26 लोगों को लाइन में खड़ाकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इसमें बीस लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मामले में गांव के राजाराम सिंह ने फूलन समेत अन्य डकैतों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के वादी राजाराम समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है।
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बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायन दुबे ने कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि आरोपी भीखा की 19 नवंबर को मौत हो गई है। वहीं सुनवाई के दौरान आरोपी श्यामबाबू व विश्वनाथ कोर्ट में मौजूद रहे, जबकि पोसा जेल में है।
अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने की वजह से उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है। इस घटना में 40 साल बाद भी फैसला नहीं आ सका है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने बताया कि अब सुनवाई की तिथि 13 दिसंबर तय की गई है।
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14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 26 लोगों को लाइन में खड़ाकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इसमें बीस लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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मामले में गांव के राजाराम सिंह ने फूलन समेत अन्य डकैतों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के वादी राजाराम समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है।
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बुधवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायन दुबे ने कोर्ट को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि आरोपी भीखा की 19 नवंबर को मौत हो गई है। वहीं सुनवाई के दौरान आरोपी श्यामबाबू व विश्वनाथ कोर्ट में मौजूद रहे, जबकि पोसा जेल में है।
अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने की वजह से उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है। इस घटना में 40 साल बाद भी फैसला नहीं आ सका है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने बताया कि अब सुनवाई की तिथि 13 दिसंबर तय की गई है।