कानपुर में भदई अमावस्या: सिर्फ नमामि गंगे घाट पर स्नान, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग भी, गोताखोर-मोटरबोट तैनात
Kanpur News: भदई अमावस्या पर गंगा के बढ़े जलस्तर के चलते चंदन घाट पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिर्फ नमामि गंगे घाट पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के साथ स्नान की अनुमति दी गई है, जहां 10 गोताखोर और पुलिस बल तैनात है।
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शुक्लागंज में भदई अमावस्या पर सीताराम कॉलोनी स्थित नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचे। हालांकि स्नानार्थियों की संख्या नाममात्र की रही। शुक्रवार को अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए घाट पर गहरा जल होने और बहाव तेज होने के चेतावनी बोर्ड लगवा दिए गए है।
घाट के मुख्य गेट से ही प्रवेश लोगों को दिया जाएगा। सुरक्षा के लिए पांच नाव-नाविक, 10 गोताखोर और एक मोटरबोट के अलावा पुलिस बल मौजूद रहेगा। मालूम हो कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से सिर्फ नमामि गंगे घाट पर ही श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने की अनुमति है।
चंदन घाट पर गंगा स्नान पर रोक
शुक्रवार को भी भदई अमावस्या पर्व को देखते हुए एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने गुरुवार को नमामि गंगे घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जाजमऊ चंदन घाट पर गंगा स्नान पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि जलस्तर अधिक है। ऐसे में हादसे होने की संभावनाएं है। नगर के सिर्फ नमामि गंगे घाट पर ही श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकेंगें।
बोर्ड लगवाने के साथ ही रस्से की बैरिकेडिंग
अधिक भीड़ की आशंका के चलते कोतवाली गंगाघाट प्रभारी निरीक्षक और ईओ नगर पालिका को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। घाट पर कड़ी निगरानी रहेगी। नायब तहसीदार पूर्णिमा तिवारी ने बताया के चेतावनी बोर्ड लगवाने के साथ ही रस्से की बैरिकेडिंग कराई गई है। गंगा स्नान के दौरान स्टंट करने और रील बनाने वाले वालों पर पुलिस की निगाह रहेगी।