सुपाड़ी कारोबारी हत्याकांड: पारस की मौत पर पत्थर बनी रही पुलिस, दो माह बाद 10 लोगों पर हत्या की रिपोर्ट
सुपाड़ी कारोबारी के लापता होने के बाद परिजन थाने जाते, तो पुलिस लौटा देती थी। बता दें कि 26 मई को शव मिला, लेकिन शिनाख्त नहीं करा पाई। वहीं, घर वालों से पोस्टर मंगवाए, लेकिन कहीं लगाए ही नहीं। अब दो माह बाद पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 10 पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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कानपुर में सुपाड़ी कारोबारी पारस गुप्ता की मौत के मामले में हरबंश मोहाल पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही सामने आई है। दो माह पहले कारोबारी का शव मिला था, लेकिन पुलिस शव की शिनाख्त ही नहीं करा पाई थी। परिजन पारस की तलाश में थाने पहुंचते तो उन्हें लौटा दिया जाता।
तहरीर देने के बाद भी आरोपियों से पूछताछ तक नहीं की। अब जाकर पुलिस ने मसाला कारोबारी समेत 10 अज्ञात के खिलाफ हत्या और सुबूत छिपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, कारोबारी की पत्नी ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
दो माह पूर्व दानाखोरी हरबंश मोहाल निवासी सुपाड़ी कारोबारी घर से लापता हो गए थे। 26 मई को उनका शव मुरे कंपनी पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। पारस की पत्नी मनीषा गुप्ता ने मसाला कारोबारी अमित गुप्ता पर रुपयों के लेनदेन में मारपीट का आरोप लगा थाने में तहरीर दी थी।
दो माह बाद परिजन जब फोरेंसिक ऑफिस पहुंचे, तो पारस की मौत का पता चला था। इसे लेकर मनीषा गुप्ता गुरुवार को व्यापारियों के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचीं। तब कमिश्नर ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
उधारी न चुका पाने पर की थी मारपीट
मनीषा के अनुसार पति पारस को कारोबार में काफी नुकसान हुआ था। वह एंजल इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म चलाते थे। उन्होंने मसाला कारोबारी अमित गुप्ता से 20 हजार रुपये उधार लिए थे। 23 मई को अमित गुप्ता ने पारस को बुलाया और रुपये न देने पर मारापीटा था। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पत्नी का आरोप है कि अमित ने साथियों संग मिलकर उसकी हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
इंस्पेक्टर को लगाई फटकार
परिजनों की बात सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर ने हरबंश मोहाल इंस्पेक्टर को फोन पर फटकार लगाई। थाने से चंद कदमों की दूरी पर शव मिलने के बाद भी उन्हें खबर न होने व गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम न करने को लेकर रोष जताया।
कारोबारी के लापता होने के बाद उनका शव मिला है। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर
लापरवाही बरतने में थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज निलंबित
थाना हरबंश मोहाल क्षेत्र के सुपारी कारोबारी पारस गुप्ता की गुमशुदगी और ट्रेन से कटकर मौत होने की घटना पर पुलिस आयुक्त ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने मामले में प्रथम द्रष्टया लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज को तत्काल निलंबित कर दिया है। पूरे घटनाक्रम की जांच एसीपी स्वरूप नगर को सौंपी गई है, जो कि 15 कार्य दिवसों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।
बता दें कि घटनाक्रम के मुताबिक 25 मई को सुपारी कारोबारी पारस गुप्ता लापता हो गए थे, जिसकी गुमशुदगी परिजनों ने 26 मई को थाना हरबंश मोहाल पर लिखाई थी। जब 26 तारीख को गुमशुदगी लिखी जा रही थी, तभी 25-26 मई की रात को मरे कंपनी पुल के नीचे ट्रेन से कटे एक व्यक्ति के शव का जीआरपी थाने पर पंचनामा भरा जा रहा था। थाना हरबंश मोहाल में गुमशुदगी लिखी होने के बाद भी थाना पुलिस द्वारा खोजने में गंभीरता नहीं दिखाई गई।
थाने से महज 500 मीटर दूर स्थित जीआरपी थाने तक किसी ने जहमत नहीं उठाई। इस लापरवाही पर पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने थाना प्रभारी हरबंश मोहाल सूर्यबली पांडेय और चौकी इंचार्ज हरबंशमोहाल दिनेश कुमार बालयान को निलंबित कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच एसीपी स्वरूप नगर को सौंपी गई है, जो कि 15 कार्य दिवसों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगे।