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बेहमई कांड : प्रार्थना पत्र निस्तारण पर हुई बहस, अब 21 को सुनवाई
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कानपुर देहात। बेहमई कांड में बुधवार को सुनवाई के दौरान पुराने प्रार्थना पत्र के निस्तारण को लेकर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पत्रावली में कई अभिलेख न होने की बात कही। इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 21 मार्च तय की है।
14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने गिरोह के साथ धावा बोलकर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। सात लोग घायल हुए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है।
बुधवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीशनारायन दुबे ने कोर्ट को बताया कि 27 अक्तूबर को दिए गए प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो सका था। मामले में विश्वनाथ व भीखा की तरफ से प्रार्थना पत्र देकर कहा गया था कि मान सिंह आदि के शिनाख्त मेमो व अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख पत्रावली में नहीं हैं।
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जो सुनवाई के दौरान जरूरी हैं। इस पर दोनों पक्षों में बहस हुई। कोर्ट ने अब 21 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की है। इस दौरान कोर्ट में श्यामबाबू, विश्वनाथ उपस्थित रहे जबकि पोसा अस्वस्थ होने के कारण जेल से नहीं लाया गया।
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14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में फूलन देवी ने गिरोह के साथ धावा बोलकर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। सात लोग घायल हुए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है।
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बुधवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीशनारायन दुबे ने कोर्ट को बताया कि 27 अक्तूबर को दिए गए प्रार्थना पत्र का निस्तारण नहीं हो सका था। मामले में विश्वनाथ व भीखा की तरफ से प्रार्थना पत्र देकर कहा गया था कि मान सिंह आदि के शिनाख्त मेमो व अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख पत्रावली में नहीं हैं।
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जो सुनवाई के दौरान जरूरी हैं। इस पर दोनों पक्षों में बहस हुई। कोर्ट ने अब 21 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की है। इस दौरान कोर्ट में श्यामबाबू, विश्वनाथ उपस्थित रहे जबकि पोसा अस्वस्थ होने के कारण जेल से नहीं लाया गया।