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मौत का मच्छर: हर घर में मंडरा रहा डेंगू का खतरा, बरतें एहतियात
Thu, 08 Aug 2019 02:25 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2019 02:25 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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डेंगू फैलाने वाला टाइगर मच्छर (एडीज एजिप्टाई) कानपुर के हर कोने में पल रहा है। इससे हर घर पर डेंगू का खतरा पैदा हो गया है। संचारी रोग अभियान की टीम को हर जगह टाइगर मच्छर का लार्वा मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज परिसर और हैलट समेत अन्य अस्पतालों के परिसर में भी डेंगू का लार्वा मिला है। स्थिति से विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अभियान प्रभारी एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने लोगों से अपील की है कि दवा के छिड़काव भर से काम नहीं चलेगा। रोग से बचाव के लिए खुद भी सफाई रखें।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में छह स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला। इसके साथ ही हैलट में जगह-जगह लार्वा पाया गया। इसके अलावा अब तक सवा सौ घरों को नोटिस जारी किया गया है। टाइगर मच्छर का लार्वा घरों में रखे कूलरों, टूटे गमलों, टायरों के साथ ही नालियों के किनारे उगी घास में भी मिला है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर और हैलट समेत अन्य अस्पतालों के परिसर में भी डेंगू का लार्वा मिला है। स्थिति से विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अभियान प्रभारी एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने लोगों से अपील की है कि दवा के छिड़काव भर से काम नहीं चलेगा। रोग से बचाव के लिए खुद भी सफाई रखें।
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बुधवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में छह स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला। इसके साथ ही हैलट में जगह-जगह लार्वा पाया गया। इसके अलावा अब तक सवा सौ घरों को नोटिस जारी किया गया है। टाइगर मच्छर का लार्वा घरों में रखे कूलरों, टूटे गमलों, टायरों के साथ ही नालियों के किनारे उगी घास में भी मिला है।
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एक जगह जलभराव होने पर उसके दो सौ मीटर के रेंज में डेंगू का मच्छर घूमता है। मच्छर का लार्वा घनी आबादी वाले इलाकों, पॉश इलाकों में भी पाया जा रहा है। संचारी रोग अभियान प्रभारी डॉ. सिंह ने बताया कि बुधवार को 17 घरों को नोटिस दिया गया है।
इनमें कैलाश विहार, आवास-विकास, पीटीएस कॉलोनी (हैलट परिसर), कुली बाजार, जूही लाल कॉलोनी, नवीन नगर काकादेव, कर्नलगंज, जाजमऊ आदि क्षेत्रों के घर हैं। नोटिस के अलावा कुछ नहीं किया जा सकता है। लोग सिर्फ विभाग के भरोसे ही न रहें, रोग से बचाव के लिए खुद भी सफाई रखें।
इनमें कैलाश विहार, आवास-विकास, पीटीएस कॉलोनी (हैलट परिसर), कुली बाजार, जूही लाल कॉलोनी, नवीन नगर काकादेव, कर्नलगंज, जाजमऊ आदि क्षेत्रों के घर हैं। नोटिस के अलावा कुछ नहीं किया जा सकता है। लोग सिर्फ विभाग के भरोसे ही न रहें, रोग से बचाव के लिए खुद भी सफाई रखें।
एहतियात
- एक सप्ताह तक कहीं पानी भरा न रहने दें
- पुरानी टंकी, टूटी बाल्टी, फ्रिज की ट्रे साफ कर दें
- जलभराव खत्म नहीं कर सकते तो उस पर मिट्टी का तेल डाल दें
- सीलन वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कर लें
- कूलर चलाना पड़े तो उसमें दो-तीन बूंद डिटॉल डाल लें
विभागीय आंकड़े
डेंगू पॉजिटिव की संख्या - 21
शहर के आठ रोगी, अन्य जनपदों के 13 रोगी
निजी अस्पतालों में तेजी से बढ़ रहे डेंगू रोगी
कानपुर के निजी अस्पतालों में डेंगू रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही निजी पैथोलॉजियों की जांच में डेंगू और मलेरिया पॉजिटिव रोगी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें रोगियों को ठीक करना है, रोगी चाहे निजी पैथोलॉजी से पॉजिटिव आए या फिर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ल का कहना है कि माइक्रो बायोलॉजी विभाग की ही पॉजिटिव रिपोर्ट मानेंगे।
- एक सप्ताह तक कहीं पानी भरा न रहने दें
- पुरानी टंकी, टूटी बाल्टी, फ्रिज की ट्रे साफ कर दें
- जलभराव खत्म नहीं कर सकते तो उस पर मिट्टी का तेल डाल दें
- सीलन वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कर लें
- कूलर चलाना पड़े तो उसमें दो-तीन बूंद डिटॉल डाल लें
विभागीय आंकड़े
डेंगू पॉजिटिव की संख्या - 21
शहर के आठ रोगी, अन्य जनपदों के 13 रोगी
निजी अस्पतालों में तेजी से बढ़ रहे डेंगू रोगी
कानपुर के निजी अस्पतालों में डेंगू रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही निजी पैथोलॉजियों की जांच में डेंगू और मलेरिया पॉजिटिव रोगी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें रोगियों को ठीक करना है, रोगी चाहे निजी पैथोलॉजी से पॉजिटिव आए या फिर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग से। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ल का कहना है कि माइक्रो बायोलॉजी विभाग की ही पॉजिटिव रिपोर्ट मानेंगे।