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बर्रा के गेस्टहाउस में मिले 37 बीडीसी सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 21 Jan 2016 02:20 AM IST
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बर्रा के दरोगा गेस्ट हाउस में बुधवार रात बीडीसी सदस्यों को बंधक बनाने की सूचना पर कई थानों की फोर्स ने घेराबंदी कर तलाशी ली। यहां 37 बीडीसी सदस्य कमरों में सोते मिले। इनमें नौ महिला सदस्य भी हैं जो बाल-बच्चों सहित गेस्ट हाउस में थीं।
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पुलिस कंट्रोल रूम पर बंधक बनाने की सूचना मिलने पर गोविंद नगर, बाबूपुरवा सर्किल फोर्स और बिधनू पुलिस पहुंच गई और देर रात तक बीडीसी सदस्यों से पूछताछ जारी थी। सभी सदस्य बसपा के बताए जा रहे हैं।
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माना जा रहा है कि 7 फरवरी को होने वाले ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए इन सदस्यों को खरीद-फरोख्त कर यहां रोके रखा गया था। पुलिस बसें बुलवाकर सभी सदस्यों को उनके घरों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही थी। बर्रा शास्त्री चौक चौराहे पर मानसिंह यादव का दरोगा गेस्ट हाउस है।
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बुधवार रात 12 बजे किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि बीडीसी सदस्यों को इस गेस्टहाउस में बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही गोविंद नगर और बाबूपुरवा पुलिस ने गेस्टहाउस घेर लिया।
गेस्टहाउस के अंदर पहुंचने पर पुलिस को कई कमरों में बिधनू ब्लाक के खिरसा, अफजलपुर, सपई, बिधनू कस्बा, पतारा, सेन पूरब, सेन पारा सहित अन्य क्षेत्रों के बीडीसी सदस्य खाते-पीते-सोते मिले। महिला सदस्यों के साथ उनके पति भी थे। कई सदस्य छत पर छिपे मिले।
चार पानी की टंकी के पीछे छिपे थे। पूछताछ में सभी बीडीसी सदस्यों ने अपनी इच्छा से यहां आने की बात बताई। जबकि सूत्रों ने बताया कि बीडीसी खरीद फरोख्त के लिए सभी को वहां इकट्टा किया गया था। उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए गए थे।
एक बीडीसी 10 से 25 लाख का
बर्रा के दरोगा गेस्ट हाउस में मिले 37 बीडीसी सदस्यों के मामले में पता चला कि इन सबको बसपा के एक ब्लाक प्रमुख के चुनाव में प्रत्याशी को वोट देने के लिए यहां सुरक्षित रखा गया था। चुनाव तक इनको जगह बदल-बदल कर रखा जाता।
चुनाव वाले दिन सभी को एकसाथ ले जाया जाता और वोट डलवाया जाता। हर बार चुनाव में हाईजैकिंग की यही व्यवस्था आजमाई जाती है। जिला पंचायत चुनाव में भी ऐसा होता है लेकिन इस बार नगर-ग्रामीण क्षेत्र में नहीं हो पाया।
इस बार बीडीसी सदस्य का रेट 10 लाख रुपये चल रहा है। नगर क्षेत्र के 10 ब्लाकों में ब्लाक प्रमुख का चुनाव 7 फरवरी को होना है। अभी कांग्रेस, सपा और बसपा चुनाव मैदान में हैं। इस चुनाव में बीडीसी सदस्य वोट डालते हैं। जिसके पक्ष में ज्यादा वोट वो ब्लाक प्रमुख बनता है।
बीडीसी सदस्यों के वोट अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी मोटी रकम देकर बीडीसी सदस्यों को खरीदते हैं और उन्हें इसी तरह बचाकर रखते हैं ताकि दूसरे प्रत्याशी इन्हें अपने खेमे में न मिला सकें।
एक बसपा प्रत्याशी ने ऐसा ही करके अपने लिए बीडीसी सदस्य खरीदकर बर्रा के गेस्ट हाउस में रखे थे लेकिन दूसरी पार्टी ने पुलिस को सूचना देकर उसका खेल बिगाड़ दिया। दूसरी ओर यहां मिले बीडीसी सदस्यों ने बताया कि राजनैतिक दबाव के चलते वे सभी गांव छोड़कर धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि यहां मिले बीडीसी सदस्यों में अमरलाल (बगहा), विजय सिंह (सेन पश्चिम पारा), जगदीश सिंह (पिपौरी), विजय (हरदौली), भूरा (शंभुआ), विश्राम (बाजपुर) ममता, बिट्टन, सावित्री, सजनी, आशा, रीना आदि हैं।