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बैंककर्मी की हत्या: अवैध संबंधों में प्रेमिका के रिश्तेदार ने सिर पर सरिया से वार कर सुलाया था मौत की नींद
Sun, 12 Sep 2021 04:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 12 Sep 2021 04:08 PM IST
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बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल (मृतक)
- फोटो : amar ujala
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एचडीएफसी बैंक कर्मी विशाल अग्रवाल की हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि अवैध संबंधों के चलते प्रेमिका के रिश्तेदार ने विशाल की सरिया से सिर पर कई वार करके हत्या की थी। पुलिस ने हत्यारोपी और विशाल की प्रेमिका को हिरासत में ले लिया है। साथ ही वारदात में प्रयुक्त सरिया, मृतक का लैपटॉप और स्कूटी भी बरामद कर लिया है।
संजय नगर थाना नौबस्ता निवासी विशाल अग्रवाल एचडीएफसी बैंक कृष्णा टावर शाखा में काम करता था। 7 सितंबर को विशाल बैंक से निकलने के बाद माल रोड पर स्थित एक डॉक्टर के यहां इलाज कराने के लिए गया था। इसके बाद उसने पास के मेडिकल स्टोर से दवा ली लेकिन रात 10:00 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचा तब परिजनों ने उसके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था।
काफी खोजबीन के बाद भी जब कहीं पता नहीं चला तो रात 3:00 बजे विशाल के बड़े भाई अंशुल अग्रवाल ने थाना नौबस्ता जाकर पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस ने जब विशाल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई, तो उसकी लास्ट लोकेशन नाना राव पार्क निकली। जिस नंबर से आखरी बार बात हुई उसके एड्रेस पर जाकर पता किया गया। वह नंबर किसी युवक का था जो कि वहां पर नहीं रहता था। पुलिस ने विशाल के दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि यह नंबर कोई लड़की इस्तेमाल करती है।
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संजय नगर थाना नौबस्ता निवासी विशाल अग्रवाल एचडीएफसी बैंक कृष्णा टावर शाखा में काम करता था। 7 सितंबर को विशाल बैंक से निकलने के बाद माल रोड पर स्थित एक डॉक्टर के यहां इलाज कराने के लिए गया था। इसके बाद उसने पास के मेडिकल स्टोर से दवा ली लेकिन रात 10:00 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचा तब परिजनों ने उसके फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था।
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काफी खोजबीन के बाद भी जब कहीं पता नहीं चला तो रात 3:00 बजे विशाल के बड़े भाई अंशुल अग्रवाल ने थाना नौबस्ता जाकर पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस ने जब विशाल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई, तो उसकी लास्ट लोकेशन नाना राव पार्क निकली। जिस नंबर से आखरी बार बात हुई उसके एड्रेस पर जाकर पता किया गया। वह नंबर किसी युवक का था जो कि वहां पर नहीं रहता था। पुलिस ने विशाल के दोस्तों से संपर्क किया तो पता चला कि यह नंबर कोई लड़की इस्तेमाल करती है।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फ्लैट में रहने वाले अन्य लोगों से पूछताछ की तो बताया गया कि फ्लैट में सत्यम उमर नाम का एक युवक रहता है जो पानी की बोतल सप्लाई का काम करता है और उसके साथ में उसकी एक रिश्तेदार लड़की भी रहती है, पुलिस ने सत्यम को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने बताया कि उसके एक रिश्तेदार की लड़की भी रहती है। रात करीब नौ बजे किशोरी के साथ विशाल अग्रवाल आपत्तिजनक स्थिति में कमरे में लेटा हुआ था।
यह देख वह अपना आपा खो बैठा और बाहर से सरिया लाकर उसके सिर पर वार कर दिया। कई बार वार करने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद सत्यम ने थाना माखी जनपद उन्नाव के रहने वाले श्रवण को फोन किया रात को ही श्रवण फ्लैट पर पहुंचा। अगले दिन सुबह कोपरगंज से खाली ड्रम लेकर दोनों फ्लैट पर पहुंचे और विशाल के शव को चद्दर में लपेट कर ड्रम के अंदर भर दिया और ड्रम को ढक्कन से सील कर दिया।
इसके बाद स्कूटी से दोनों मरे कंपनी पुल, थाना कैंट होते हुए जाजमऊ गंगा पुल से उन्नाव पहुंच गए दही थाना क्षेत्र में पड़ने वाली एक नहर के बगल बगल जाकर ड्रम को नहर के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और वहां से वापस चले आए। नहर में ही विशाल का मोबाइल भी फेंक दिया। अभियुक्त ने खून से सने अपने कपड़े और विशाल के पर्स को नगर निगम के कूड़ा घर में फेंक दिया जिसे नगर निगम की गाड़ी लेकर चली गई। लैपटॉप फ्लैट पर ही रखा था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने विशाल की स्कूटी और कत्ल में इस्तेमाल किए गये सरिया को भी बरामद कर लिया है।
यह देख वह अपना आपा खो बैठा और बाहर से सरिया लाकर उसके सिर पर वार कर दिया। कई बार वार करने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद सत्यम ने थाना माखी जनपद उन्नाव के रहने वाले श्रवण को फोन किया रात को ही श्रवण फ्लैट पर पहुंचा। अगले दिन सुबह कोपरगंज से खाली ड्रम लेकर दोनों फ्लैट पर पहुंचे और विशाल के शव को चद्दर में लपेट कर ड्रम के अंदर भर दिया और ड्रम को ढक्कन से सील कर दिया।
इसके बाद स्कूटी से दोनों मरे कंपनी पुल, थाना कैंट होते हुए जाजमऊ गंगा पुल से उन्नाव पहुंच गए दही थाना क्षेत्र में पड़ने वाली एक नहर के बगल बगल जाकर ड्रम को नहर के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और वहां से वापस चले आए। नहर में ही विशाल का मोबाइल भी फेंक दिया। अभियुक्त ने खून से सने अपने कपड़े और विशाल के पर्स को नगर निगम के कूड़ा घर में फेंक दिया जिसे नगर निगम की गाड़ी लेकर चली गई। लैपटॉप फ्लैट पर ही रखा था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने विशाल की स्कूटी और कत्ल में इस्तेमाल किए गये सरिया को भी बरामद कर लिया है।