Bangladeshi Citizen Case: इरफान के खिलाफ एक और चार्जशीट दाखिल, जुवेनाइल कोर्ट में बच्चों पर चलेगा मुकदमा
सप विधायक इरफान सोलंकी बांग्लादेशी नागरिक को भारतीय होने का प्रमाण पत्र जारी करने में आरोपी बनाए गए हैं। वहीं, पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।
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सपा विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मूलगंज में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान को भारतीय मूल का प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि इरफान सोलंकी ने जानबूझकर प्रपत्रों को सत्यापित किया। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।
जाजमऊ में नजीर फातिमा के घर आगजनी के मामले में सपा विधायक के सरेंडर करने के कुछ दिन बाद ही 11 दिसंबर को मूलगंज पुलिस ने बांग्लादेश के कुरला निवासी डॉ. रिजवान को उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसाना और दो नाबालिग बेटों को आर्यनगर के इंपीरियल अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। पुलिस को उसके पास से कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे।
इसमें फर्जी आधार कार्ड, बांग्लादेश और भारत का पासपोर्ट, फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, विदेशी और भारतीय करेंसी, नशीली दवाइयां समेत सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू रहमान द्वारा सत्यापित चार निवास प्रमाणपत्र मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी, षड़यंत्र रचने, विदेशी विषयक अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश ने बताया कि जांच में इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू रहमान द्वारा बांग्लादेशी नागरिक को पनाह देने और प्रपत्र सत्यापित करने के साक्ष्य मिले हैं। लिहाजा उन्हें आरोपी मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। वहीं, डॉ. रिजवान की पत्नी हिना पर पासपोर्ट एक्ट और विदेशी अधिनियम एक्ट, ससुर और तीनों बच्चों के खिलाफ विदेशी विषयक अधिनियम से संबंधित चार्जशीट दाखिल की गई है।
जुवेनाइल कोर्ट में बच्चों पर चलेगा मुकदमा
डॉ. रिजवान अपने परिवार को लेकर करीब छह साल पहले चोरी छिपे कोलकाता के रास्ते भारत में घुसा और कानपुर में आकर रहने लगा था। उस वक्त 21 वर्षीय बेटी की उम्र महज 15 साल की थी। जब अपराध हुआ, तीनों बच्चे नाबालिग थे। पुलिस अब तक बेटी को बालिग मानकर कार्रवाई कर रही थी, लेकिन पुलिस ने अब रिजवान के तीनों बच्चों के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
उन पर विदेशी अधिनियम, कूटरचना और धोखाधड़ी मामले में मुकदमा चलेगा। वहीं, पुलिस ने जेल में ही जाकर विधायक के करीब 13 सौ हस्ताक्षर लिए थे जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया था। फिलहाल लैब से अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। जेसीपी का कहना है कि पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दी है।