UP: पहले बेटी को दिया था जन्म, फिर नाली में मिला प्रसूता का नग्न शव, परिजन बोले- दुष्कर्म कर बेरहमी से मारा
Banda News: एसपी ने बताया कि शव को देखते हुए अभी फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है। डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जाएगा। दुष्कर्म की आशंका को लेकर स्लाइड भी बनवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज स्टॉफ की लापरवाही को लेकर नगर मजिस्ट्रेट जांच करेंगे।
विस्तार
बांदा जिले में बच्ची को जन्म देने के बाद मेडिकल कॉलेज से गायब महिला का शव दूसरे दिन कॉलेज परिसर में ही मिला। सूचना पर एएसपी समेत कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंच गई। परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 40 वर्षीय गर्भवती महिला को उसके पति ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में तीन नवंबर को भर्ती कराया था। उसी दिन महिला ने बेटी को जन्म दिया था। उसके बाद उसे स्त्री एवं प्रसूती रोग वार्ड के बेड नंबर तीन में भर्ती कराया गया था।
आठ नवंबर को उसकी छुट्टी होनी थी। इसी बीच उसको बीपी व अन्य शिकायत होने पर मेडिकल कॉलेज स्टाफ ने इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया था। जहां से बुधवार सुबह 5:42 बजे से वह लापता हो गई थी। तब से परिजन, मेडिकल कॉलेज स्टॉफ व पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
नाली में औंधे मुंह महिला का शव देखा
गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे ऑक्सीजन प्लांट में कार्यरत वार्ड बॉय शकील ने एसएनसीयू वार्ड के पीछे झाड़ियों के पास नाली में औंधे मुंह महिला का शव देखा। उसके दाहिने कंधे में घाव था और पास में ही महिला के कुछ कपड़े भी पड़े थे। वार्ड बॉय ने सुपरवाइजर हर्षित को सूचना दी।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने सुबूत जुटाए
मौके पर अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सदर अंबुजा त्रिवेदी, कोतवाल अनूप दुबे, मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी कुलदीप तिवारी, एसएसआई कृष्णदेव त्रिपाठी समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। उन्होंने घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने सुबूत जुटाए।
शव को देखते हुए अभी फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है। डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जाएगा। दुष्कर्म की आशंका को लेकर स्लाइड भी बनवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज स्टॉफ की लापरवाही को लेकर नगर मजिस्ट्रेट जांच करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -लक्ष्मी निवास मिश्र अपर एसपी, बांदा
मेडिकल कॉलेज में महिला का शव मिलने के मामले में प्रशासन स्तर पर अभी जांच शुरू नहीं की गई है। इस मामले में शिकायत आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विजय शंकर तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट
लापरवाही के आरोपों से घिरा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज कैंपस से लापता महिला की तलाश के लिए बुधवार को तीन बार सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस के हाथ खाली रहे थे। घटना को लेकर परिजनों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज स्टॉफ अगर साथ दे देता, तो यह अनहोनी नहीं होती। महिला अस्पताल से गायब हो गई और किसी कर्मचारी को काफी तक कुछ पता भी नहीं चला।
तीन बार चला था सर्च अभियान
बुधवार को सुबह 5:42 बजे से लापता महिला की तलाश के लिए मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज का चप्पा-चप्पा खंगाला था। सबसे पहले दोपहर ढाई बजे सर्च अभियान चला। इसमें सीसीटीवी कैमरों और मेडिकल स्टॉफ से जानकारी की गई। उसके पास शाम चार बजे और फिर शाम सात बजे सर्च अभियान चला। सर्च अभियान में मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज कुलदीप तिवारी ने बताया कि शाम सात बजे तक महिला का शव नहीं मिल सका था।
कर्मियों को भनक तक नहीं लगी, नहीं की कोई मदद
महिला के मायके से आए छोटे भाई ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज स्टाफ ने उनकी नहीं सुनी। कई बार कहा गया कि उनकी महिला लापता है उसे तलाश करने में मदद करें। इस पर मेडिकल कॉलेज स्टॉफ ने खुद तलाश करने की बात कही थी। इसी तरह से महिला के चचेरे दामाद ने भी मेडिकल कॉलेज स्टॉफ की लापरवाही से यह घटना होने का आरोप लगाया है।
दूसरी डिलीवरी थी, पति करते हैं मजदूरी
महिला का मायका चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र के एक गांव में है। महिला के पति तीन भाई हैं। उनके हिस्से में सवा बीघा जमीन है। वह खेती किसानी के साथ मजदूरी करते हैं। पति ने बताया कि उनके एक छह साल का पुत्र है। उनकी पत्नी की यह दूसरी डिलीवरी थी। घटना में मेडिकल कॉलेज की मिली भगत होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने डीएम और एसपी से इस घटना के खुलासे की मांग की है।
महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई थी। उसे महिला वार्ड से इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। यहां से महिला खुद चलकर कहीं निकल गई थी। इमरजेंसी में ड्यूटी में तैनात स्टॉफ नर्स और वार्ड बॉय व स्वीपरों के पुलिस ने बयान लिए हैं। इस प्रकरण की वह भी जांच करा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में बुधवार को सुबह 5:42 बजे इमरजेंसी से वार्ड से अकेले महिला के निकलने के फुटेज हैं। इसकी जांच की जा रही है। -डॉ. एसके कौशल, प्रधानाचार्य रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा।