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Banda: शराब में जहर मिलाकर हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास, 10 हजार जुर्माना भी लगाया
Tue, 25 Nov 2025 08:20 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Nov 2025 08:20 PM IST
सार
शराब में जहर मिलाकर हत्या करने के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना चिल्ला थाना क्षेत्र के डिघवट गांव में 12 फरवरी 2021 की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश छोटेलाल की अदालत ने मंगलवार को हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास व 10 हजार जुर्माना लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। चिल्ला थाना क्षेत्र के डिघवट गांव निवासी रामबली ने बताया कि 12 फरवरी 2021 को उसके पिता शिवकरन को गांव का ही कल्लू निषाद उसके घर से अपने घर ले गया था। वहां उसने शराब में जहर मिलाकर शिवकरन को पिला दिया था।
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पिता की हालत मरणासन्न होने पर वह रात में ही शिवकरन को घर में छोड़ गया था। अगले दिन 13 फरवरी को दोपहर उसकी मौत हो गई थी। रामबली ने बताया कि उसके पिता ने मरने से पहले अपनी मां सिमरती देवी के समक्ष कल्लू का नाम लेकर शराब में जहर मिलाकर पिलाने की बात कही थी। उसके पिता की 14 फरवरी को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केमिकल की पुष्टि हुई थी। इस पर रामबली ने 13 फरवरी को चिल्ला में तहरीर दी, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी। उसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व डीआईजी चित्रकूटधाम को रजिस्टर्ड पत्र से तहरीर भेजी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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तब उसने 12 सितंबर को न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय के आदेश पर चिल्ला थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पांच नवंबर 2022 में न्यायालय में मुकदमा शुरू हुआ। जिसमें अदालत ने डिघवट गांव के कल्लू उर्फ राकेश निषाद को हत्या का दोषी पाया। उसके ऊपर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भी भोगना पड़ेगा। न्यायालय ने दोषी को जेल भेज दिया है। मुकदमे में कुल 12 गवाह पेश किए गए।
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