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Banda: बेटे-बहू के हत्यारे को आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
Tue, 16 Jul 2024 08:14 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Jul 2024 08:14 PM IST
सार
बांदा जिले में एक वर्ष पूर्व हुए बेटे-बहू की हत्या के मामले में हत्यारोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बेटे व बहू की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। न्यायालय से दोषियों को जेल भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक नरैनी क्षेत्र के बरसड़ा मानपुर निवासी हरदयाल 13 जून 2023 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता मन्नूलाल और मां चुन्नी घर के आंगन में सो रहे थे। तभी उसके बाबा देशराज पुत्र रामप्रसाद ने कुल्हाड़ी से वार कर माता-पिता की हत्या कर दी। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी देशराज वहां से भाग निकला। थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले पर अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए, जिसमें हरदयाल, इंद्रपाल, दीनदयाल, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र, एसआई शिववीर, डा. अजय प्रताप सिंह विश्वकर्मा, एसआइ कमल सिंह व निरीक्षक अरविंद सिंह गौर शामिल रहे।
विवेचना के दौरान आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद की गई। मामला संपत्ति के बंटवारे को लेकर सामने आया। दोनो पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने हत्या के दोषी देशराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जानकारी के मुताबिक नरैनी क्षेत्र के बरसड़ा मानपुर निवासी हरदयाल 13 जून 2023 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता मन्नूलाल और मां चुन्नी घर के आंगन में सो रहे थे। तभी उसके बाबा देशराज पुत्र रामप्रसाद ने कुल्हाड़ी से वार कर माता-पिता की हत्या कर दी। हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी देशराज वहां से भाग निकला। थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले पर अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए, जिसमें हरदयाल, इंद्रपाल, दीनदयाल, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र, एसआई शिववीर, डा. अजय प्रताप सिंह विश्वकर्मा, एसआइ कमल सिंह व निरीक्षक अरविंद सिंह गौर शामिल रहे।
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विवेचना के दौरान आला कत्ल कुल्हाड़ी बरामद की गई। मामला संपत्ति के बंटवारे को लेकर सामने आया। दोनो पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने हत्या के दोषी देशराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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