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Banda: पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाला गिरफ्तार, एक वादी की शिकायत पर हुआ खुलासा

Thu, 04 Apr 2024 08:31 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 04 Apr 2024 08:31 PM IST
सार

यूपी के बांदा जिले में पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है। गिरोह यूपी कॉप से एफआईआर डाउनलोड कर वसूली करता था। पुलिस ने मध्य प्रदेश के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

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Banda: Extortionist impersonating a police officer arrested
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांदा जिले में पुलिस अधिकारी बनकर विभिन्न मुकदमों में वादी और प्रतिवादी को झांसा देकर वसूली करने वाले गिरोह का बिसंडा और साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के शातिर यूपी कॉप एप के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड कर वादी प्रतिवादी को कार्रवाई का भरोसा देकर मुकदमा समाप्त करने का झांसा देकर रुपयों की वसूली करते थे। बिसंडा थाने में एक ऐसा ही मामला सामने आने पर थाना पुलिस और सर्विलांस ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि बिसंडा थाना क्षेत्र के दफ्तरा गांव के मनीष पटेल ने एक अप्रैल को एसपी के यहां शिकायती पत्र देकर बताया कि 31 मार्च की शाम एक पुलिस अधिकारी ने उनके फोन पर कॉल करके कहा कि वह एसपी कार्यालय से बोल रहे हैं। तुम्हारी पत्नी ने तुम्हारे विरुद्ध मुकदमा लिखवाया है। यदि मुकदमा समाप्त कराना चाहते हो इसी नंबर पर 50 हजार रुपये पेटीएम पर भेज दो। यदि तुमने ऐसा नहीं किया तो तुम्हें जेल जाना पड़ेगा।
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इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की पुलिस की सहायता से तरीचर खुर्द के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में टीकमगढ़ के महेवा चक थाना लेधौरा निवासी मानवेंद्र उर्फ मोनू यादव ने बताया कि उसके गांव महेवा के ज्यादातर लड़के जालसाजी का काम करते हैं।

 

वह यूपी कॉप एप्लीकेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले के किसी भी थाने में दर्ज एफआईआर की कॉपी निकालकर उसका पूरा मामला समझकर पुलिस अधिकारी बनकर दूसरे के नाम पर जारी फर्जी नाम पता के सिमकार्ड से मुकदमे के वादी से बात कर कार्रवाई का भय दिखाकर वसूली करता है। मोनू ने बताया कि उसको यह काम गांव के ही राहुल यादव ने सिखाया। 30 प्रतिशत राहुल लेता था। खुलासे के दौरान बिसंडा इंस्पेक्टर श्याम बाबू शुक्ला, एसआई अकरम सिद्दीकी आदि की टीम शामिल रही।
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