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बांदा : जीजा डॉक्टर, 25 मिनट में दे दी अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट
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Banda: Brother-in-law doctor, gave ultrasound test report in 25 minutes
- फोटो : BANDA
बांदा। मटौंध के रहने वाले दुर्जन कुमार का कहना है कि डॉक्टर साहब जीजा हैं। पत्नी का अल्ट्रासाउंड होना था। जीजा ने अल्ट्रासाउंड कराके करीब 25 मिनट में रिपोर्ट दे दी। वहीं, स्वराज कालोनी के आशीष कुमार का कहना है कि हार्निया की समस्या है। ऑपरेशन कराना है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा था। वह सुबह साढ़े 8 बजे लाइन में लग गया। 10 बजे से अल्ट्रासाउंड की शुरूआत हुई। 12 बजे के बाद नंबर आया। इसके पहले बगैर लाइन वालों के अल्ट्रासाउंड किए गए।
यह हाल जिला अस्पताल का है। इसलिए अगर आपके पास नेताओं की सिफारिश या फिर किसी डॉक्टर के रिश्तेदार हैं तो यहां इलाज आसानी से हो जाएगा। यदि कोई जुगाड़ नहीं है तो घंटों मरीजों को लाइन में खड़ा रहना पड़ सकता है।
जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से महोबा के डॉ. सुरेश कुमार यहां अस्थायी रूप से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड करने के लिए आते हैं। यहां तीन दिन अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। मरीजों का आरोप है कि पहले जान-पहचान, पहुंच वाले और रिश्तेदारों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसके बाद अन्य मरीजों को एक-एक कर बुलाया गया। गर्भवतियों और अन्य गंभीर रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पर्चे के क्रम के आधार पर एक-एक मरीज को बुलाकर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। निर्धारित समय खत्म होने पर भी बचे मरीजों को बुलाकर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मरीजों के आरोप गलत हैं।
- डॉ. एसएन मिश्र
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल, बांदा।
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यह हाल जिला अस्पताल का है। इसलिए अगर आपके पास नेताओं की सिफारिश या फिर किसी डॉक्टर के रिश्तेदार हैं तो यहां इलाज आसानी से हो जाएगा। यदि कोई जुगाड़ नहीं है तो घंटों मरीजों को लाइन में खड़ा रहना पड़ सकता है।
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जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से महोबा के डॉ. सुरेश कुमार यहां अस्थायी रूप से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड करने के लिए आते हैं। यहां तीन दिन अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। मरीजों का आरोप है कि पहले जान-पहचान, पहुंच वाले और रिश्तेदारों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। इसके बाद अन्य मरीजों को एक-एक कर बुलाया गया। गर्भवतियों और अन्य गंभीर रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पर्चे के क्रम के आधार पर एक-एक मरीज को बुलाकर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। निर्धारित समय खत्म होने पर भी बचे मरीजों को बुलाकर अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मरीजों के आरोप गलत हैं।
- डॉ. एसएन मिश्र
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल, बांदा।