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बांदा: दहेज न मिलने पर पत्नी को मिट्टी का तेल डाल जलाकर दी थी दर्दनाक मौत, अब मिली उम्रकैद
Sat, 31 Jul 2021 02:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 31 Jul 2021 02:07 AM IST
सार
24 नवंबर 2015 को दोपहर पत्नी पूनम को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेटी बयान में पूनम ने पति द्वारा जलाने की बात कही थी।
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दहेज
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बांदा में दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मार डालने के जुर्म में पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार बुलेट ने बताया कि परशुराम तालाब निवासी प्रेमशंकर अवस्थी उर्फ पिंटू ने 10 दिसंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तहरीर में कहा गया था उसकी बहन पूनम की शादी अतर्रा थाना क्षेत्र के खंभौरा गांव के मजरा ठेकेदार का पुरवा निवासी बबलू उर्फ ब्रह्मानंद से की थी। 24 नवंबर 2015 को दोपहर पत्नी पूनम को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेटी बयान में पूनम ने पति द्वारा जलाने की बात कही थी।
पुलिस ने पति, सास, ननद, बहनोई आदि के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार बुलेट ने पांच गवाह पेश किए। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम (पाक्सो/गैंगस्टर) विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बाद धारा 302 में दोषी पाते हुए पति बबलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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10 हजार रुपये जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 498 में दो वर्ष की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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तहरीर में कहा गया था उसकी बहन पूनम की शादी अतर्रा थाना क्षेत्र के खंभौरा गांव के मजरा ठेकेदार का पुरवा निवासी बबलू उर्फ ब्रह्मानंद से की थी। 24 नवंबर 2015 को दोपहर पत्नी पूनम को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेटी बयान में पूनम ने पति द्वारा जलाने की बात कही थी।
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पुलिस ने पति, सास, ननद, बहनोई आदि के विरुद्ध दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता शिवकुमार बुलेट ने पांच गवाह पेश किए। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम (पाक्सो/गैंगस्टर) विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस के बाद धारा 302 में दोषी पाते हुए पति बबलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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10 हजार रुपये जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धारा 498 में दो वर्ष की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।