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बलिदान दिवस: बलवंत सिंह के नाम से काफी दिनों तक कानपुर में रहे शहीद भगत सिंह
Thu, 23 Mar 2023 11:08 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:08 AM IST
सार
अंग्रेज सैनिकों के छक्के छुड़ाने वाले शहीद भगत सिंह का कानपुर से गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने यहां पर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के साथ पत्रकारिता की। भगत सिंह ने बलवंत सिंह के नाम से प्रताप प्रेस में पत्रकार के रूप में काफी दिनों तक काम किया।
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शहीद भगत सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह का आज बलिदान दिवस है। अंग्रेज सैनिकों के छक्के छुड़ाने वाले भगत सिंह का कानपुर से भी गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने यहां पर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के साथ पत्रकारिता भी की। अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी समिति संगठन से जुड़े सर्वेश पांडेय निन्नी के अनुसार 1924 व 1926 में भगत सिंह पंजाब से कानपुर आकर सबसे पहले सुरेशचंद्र भट्टाचार्य से मिले थे।
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भट्टाचार्य ने भगत सिंह की मुलाकात गणेश शंकर विद्यार्थी से कराई। इसके बाद वह छद्मनाम बलवंत सिंह के नाम से प्रताप प्रेस में पत्रकार के रूप में भी काफी दिनों तक काम किया। इसी के साथ वह आजादी की लड़ाई को लेकर होने वाली बैठकों में भी हिस्सा लेते रहे। सर्वेश पांडेय बताते हैं कि वह और उनकी संस्था से जुड़े लोग पिछले 30 साल से लाटूश रोड स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते आ रहे हैं।
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बुधवार की शाम सभी ने जाकर प्रतिमा की सफाई की। गुरुवार सुबह फूल चढ़ाए। संस्था के राष्ट्रीय महामंत्री दिलीप सिंह बागी ने सरकार से मांग की है कि शहीद भगत सिंह के साथ ही राजगुरू, सुखदेव की सामूहिक प्रतिमाएं फूलबाग चौराहे पर लगाई जाए।
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