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उन्नाव कांड: सफेद स्याही प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की जमानत अर्जी खारिज
Fri, 08 Nov 2019 07:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 08 Nov 2019 07:35 PM IST
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भारी सुरक्षा के बीच उन्नाव कोर्ट पहुंचा दुष्कर्म पीड़िता का चाचा
- फोटो : अमर उजाला
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न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाने के मामले में पीड़िता के चाचा की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी गई। गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश एहसान उल्ला खां की कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी।
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के चाचा के खिलाफ कचहरी के फौजदारी रिकार्ड कीपर गणेश शंकर की ओर से 29 मार्च 2019 को न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाने की रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के चाचा के खिलाफ कचहरी के फौजदारी रिकार्ड कीपर गणेश शंकर की ओर से 29 मार्च 2019 को न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाने की रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
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पीड़िता के चाचा पर आरोप था कि वर्ष 2000 में माखी थाना में दर्ज जानलेवा हमला, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी के मामले में उसने न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाकर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया था। जिसमें विधायक के भाई अतुल सेंगर वादी थे।
पीड़िता के चाचा के अधिवक्ता ने एक माह पूर्व एडीजे कोर्ट संख्या 6 में जमानत अर्जी डाली थी। हालांकि मामले की सुनवाई गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 7 में पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र की दलीलों के बाद न्यायाधीश एहसान उल्ला खां ने जमानत याचिका खारिज करने का आदेश सुनाया। आरोपी के अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि अब वह उच्च न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत करेंगे।
पैरोकार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
सफेदा लगाने के मामले में दाखिल की गई जमानत याचिका में लगाए गए शपथ पत्र में झूठे तथ्य देने पर न्यायालय ने पैरोकार शिवनाथ पर सीआरपीसी की धारा 340 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायाधीश ने इन्ही अभिलेखों में दोबारा नाम बदलने पर भी पीड़िता के चाचा पर भी इसी धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
पीड़िता के चाचा के अधिवक्ता ने एक माह पूर्व एडीजे कोर्ट संख्या 6 में जमानत अर्जी डाली थी। हालांकि मामले की सुनवाई गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 7 में पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र की दलीलों के बाद न्यायाधीश एहसान उल्ला खां ने जमानत याचिका खारिज करने का आदेश सुनाया। आरोपी के अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि अब वह उच्च न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत करेंगे।
पैरोकार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
सफेदा लगाने के मामले में दाखिल की गई जमानत याचिका में लगाए गए शपथ पत्र में झूठे तथ्य देने पर न्यायालय ने पैरोकार शिवनाथ पर सीआरपीसी की धारा 340 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही न्यायाधीश ने इन्ही अभिलेखों में दोबारा नाम बदलने पर भी पीड़िता के चाचा पर भी इसी धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।