केस्को में बाबुओं की मठाधीशी: सालों से एक ही पटल पर जमे हैं बाबू, यूपीपीसीएल ने मांगी रिपोर्ट तब हुआ खुलासा
कानपुर विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड में 90 प्रतिशत बाबू सालों से एक ही पटल पर कायम हैं। शिकायत के बाद जब यूपीपीसीएल ने केस्को से पांच साल से एक ही कुर्सी पर टिके कर्मचारियों की सूची मांगी, तब खुलासा हुआ।
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केस्को में 90 प्रतिशत बाबुओं का तिलिस्म ऐसा है कि उनको नौकरी मिलने से लेकर अब तक ट्रांसफर, तो दूर की बात पटल तक नहीं बदला गया। मसलन अगर कोई बाबू बिल रिवीजन और स्थायी विच्छेदन की कुर्सी पर बैठा है, तो उसे ही अब तक तोड़ रहा है। एकाउंट सेक्शन के तो शत प्रतिशत क्लर्क ऐसे हैं, जिनका काम नहीं बदला गया। नियमत : एक क्लर्क स्तर के कर्मचारी को उसके पटल से तीन साल बाद हटाकर दूसरी जिम्मेदारी दे देनी चाहिए।
यूपीपीसीएल ने केस्को से पांच साल से एक ही कुर्सी पर टिके कर्मचारियों की सूची मांगी, तो खुलासा हुआ कि ऐसे बाबू 90 प्रतिशत हैं। यही लोग उस डिवीजन के जेई से लेकर एक्सईएन और अधीक्षण अभियंता से लेकर चीफ इंजीनियरों को अपने इशारों पर नचाते हैं। केस्को में कुल अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 1350 है। इनमें से 1192 कर्मचारी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं, जिसमें जेई भी शामिल हैं। इसमें 800 कर्मचारियों के एक जगह से दूसरी जगह, तो छोड़िए कुर्सी तक नहीं बदल सकी। ट्रांसफर सिर्फ जेई के होते रहे हैं।
बता दें कि केस्को में 220 बाबू हैं और 15 एकाउंट के क्लर्क हैं। पटल पर जमे बाबुओं की शिकायतें पॉवर कार्पोरेशन और ऊर्जा मंत्री तक पहुंची थी। इसलिए अब इनका तिलिस्म तोड़ने की कवायद की जा रही है। इन बाबुओं को अब दूसरी जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, केस्को अफसरों का कहना है कि इससे संबंधित जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है। जैसा निर्देश मिलेगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी।